लमगड़ा थाने से 30 किमी दूर भागादेवली गांव में दो बेटियों, बेटे और बड़ी बेटी के प्रेमी ने मिलकर आईटीबीपी से रिटायर्ड पिता की निर्मम हत्या कर दी। ग्रामीणों ने चारों को कमरे में बंद कर पुलिस के हवाले किया। हत्याकांड में शामिल नाबालिग छोटी बेटी को बाल संप्रेक्षण गृह और अन्य को जेल भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, सुंदर लाल (60) पुत्र दुर्गाराम आईटीबीपी से कुछ माह पहले ही सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह रहने के लिए गांव आ गए, जबकि उनकी बड़ी बेटी डिंपल, बेटा रितिक और छोटी नाबालिग बेटी देहरादून में पिता के सरकारी आवास में रहते थे। 28 दिसंबर को दोनों बेटियां, बेटा और बड़ी बेटी का प्रेमी हर्षवर्धन पुत्र प्रसादी लाल निवासी संगम विहार दिल्ली गांव पहुंचे। शुक्रवार शाम चारों ने मृतक के भाई को परिवार सहित मारपीट कर घर से भगा दिया।
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कुछ ही देर में घर से चिल्लाने की आवाज आने लगी। भाई ने ग्रामीणों को मौके पर बुलाया। सभी ने कमरे का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया तो वहां सुंदर लाल का शव पड़ा था। आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन गांव वालों ने उन्हें दबोचकर कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर कुछ देर बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भाई की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी है।