राजबब्बर को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है। वह सोशल मीडिया में जमकर शब्दवाण(कमेंट कर) चलाकर अपना गुस्सा जताया। लोगों का कहना है कि फिर तो ...मुख्यमंत्री भी बाहर का हो। नाराजगी इस बात की है कि आखिरकार एक भी उत्तराखंड में व्यक्ति ऐसा नहीं मिल, जो राज्यसभा जा सके। वह फेसबुक, व्हॉटसएप, ट्वीटर सहित तमाम सोशल साइट्स और चैटिंग एप्स के अपनी भवनाओं को शेयर कर रहे हैं।
लक्ष्मण कुमार आर्य कहते हैं कि ये गलत है। क्या उत्तराखंड में कोई नहीं जो राज्यसभा में जा सके। फिर तो सीएम भी बाहर का हो। जगदंबा भट्ट कहते हैं कि कांग्र्रेस का सफाया हो रहा है, मगर फिर भी वही हाल है। सुनील नेगी कहते हैं कि कई क्षमतावान लोग उत्तराखंड और कांग्रेस में हैं, जो उम्मीदार बन सकते थे। विकास भट्ट कहते हैं कि उत्तराखंड के लोग को होश आना चाएि और विरोध करना चाहिए। हरेंद्र सिंह असवाल कहते हैं कि सीएम और किशोर उपाध्याय का घेराव होना चाहिए। काशीपुर के कांग्रेसी नेता अब्दुल कादिर ने लिखा है कि ‘राजबब्बर को बधाई, मगर इस बार पूर्व सांसद केसी बाबा को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए था’।
राहुल ने लिखा है कि ‘गाजियाबाद से हारे हैं उन्हें फिर हारने को भेज दिया’। शमशेर चंद ने लिखा है कि ‘क्या उत्तराखंड में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं था जो राज्यसभा का प्रत्याशी बन सके’। हीरा सिंह अधिकारी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भागवत सिंह ने लिखा है कि फिर हुई उत्तराखंड की उपेक्षा। मोहित कुमार ने लिखा है कि कांग्रेस ऐसी ही गलतियां हर बात करती है। कई लोग इसी तरह के मैसेज व्हॉट्सएप पर एक दूसरे को भेज रहे हैं। सुनील नेगी कहते हैं कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए ही शर्मनाक है। विनोद चंदोला सवाल करते हैं कि क्या किसी बुद्धिजीवी को निर्दलीय जिताया जा सकता है। संगीता, देव सिंह रावत, श्रीकृष्णा पुनेठा, सुमंत मिश्रा, हरीश मैखुरी, जलबिर फसर्वाण ने कमेंट कर नाराजगी जताई है।