बाघ से ज्यादा सांप दहशत फैला रहे हैं। शायद ही कोई दिन जाता हो जब सांप निकलने की घटना नहीं होती हो। सांप रेस्क्यू के दौरान वनकर्मी भी सर्पदंश का शिकार हो रहे हैं। केवल तराई पूर्वी वन प्रभाग में ही 17 महीने में सांप निकलने के 1366 मामले सामने आए हैं। इनमें भी गौला रेंज में सांप का ज्यादा वास है। यहां लोगों के घर, दुकान में सबसे ज्यादा सर्प निकलने की घटना हुई हैं।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ संदीप कुमार कहते हैं कि वन विभाग की टीम ने बैंडेड करैत जैसे बेहद जहरीले सांप को रेस्क्यू किया है। सांप निकलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। वन कर्मियों के सांप निकलने में प्रजाति वार बात करे तो कोबरा सांप के मामले सर्वाधिक सामने आते हैं।
बाघ के हमले में पांच सालों में 23 लोग की मौत
पांच सालों में पश्चिम वृत्त के अधीन आने वाले वन प्रभागों में बाघ के हमले भी हुए। इन हमलों में 23 लोगोंं की मौत हुई और 24 लोग घायल हुए थे, जबकि सर्पदंश के मामले इससे कहीं अधिक हैं।