''मैं उत्तराखंड की हूं, यहीं से मेरी पढ़ाई हुई है और यहां रही हूं। मैं पहाड़ और यहां के निवासियों की भावनाओं को भली-भांति समझती हूं, इसलिए हमेशा भू कानून के पक्ष में थी और रहूंगी। मगर इसकी आड़ में महिलाओं की बेइज्जती करने वालों के साथ नहीं हूं। कुछ लोग इसकी आड़ में कलाकारों, महिलाओं की भी बेइज्जती कर रहे हैं। उनकी यह हरकत आंदोलन को गलत राह पर ले जा रही है।''
कहा कि उन्होंने जो शब्द कहे वो उत्तराखंड की जनता के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए थे, जो भू-कानून की आड़ में अमर्यादित कमेंट कर रहे थे। जो लोग ट्रोल कर रहे थे, वो आंदोलन का हिस्सा भी नहीं है।
कलाकार को चाहिए प्यार और सम्मान
श्वेता मेहरा ने कहा कि एक कलाकार चाहे वह डांसर हो या गायक हर किसी को प्यार और सम्मान चाहिए होता है। अगर वह मंच पर परफॉरमेंस करती हैं, तो इसके लिए मेहनत भी करती हैं। स्टेज उनके लिए एक मंदिर है। मगर कुछ लोग हैं जो सिर्फ अपने को फेम दिलाने के लिए कलाकार को टारगेट करते हैं, ट्रोल करते हैं। यही उनकी मानसिकता है।
नरेंद्र सिंह नेगी और हीरा सिंह राणा से तुलना नहीं
श्वेता मेहरा ने कहा कि एक व्यक्ति ने उनकी तुलना उत्तराखंड के लीजेंड गायक नरेंद्र सिंह नेगी और हीरा सिंह राणा से कर दी। यह बहुत गलत है। नरेंद्र सिंह नेगी और हीरा सिंह राणा महान गायक हैं और उनसे उनकी तुलना नहीं हो सकती। वह उनका बहुत सम्मान करती हैं। इस तरह तुलना करने से उनको बहुत दुख हुआ है।