रामनगर (नैनीताल)। पीरूमदारा क्षेत्र के ख्वाजपुर के किसान ने पारंपरिक खेती को छोड़कर केसर की खेती शुरू की। केसर तैयार हो गया है, लेकिन खरीदार नहीं मिला है। खरीदार नहीं मिलने से किसान परेशान है। हालांकि केसर के बारे में जानकारी तो खरीदार ले रहे हैं, लेकिन खरीदने कोई नहीं आ रहा है।
रामनगर के ग्राम ख्वाजपुर पीरूमदारा निवासी हरदीप सिंह ने कम मुनाफा दे रही पारंपरिक खेती को छोड़कर केसर की खेती शुरू की है। हरदीप ने पिछले साल अक्तूबर में अपने एक बीघा खेत में 100 ग्राम केसर के बीज बोए, उनकी मेहनत अब खेत में केसर की खुशबू से महक रही है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें केसर की खेती करने की सलाह दी थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी एक बीघा जमीन पर पिछले वर्ष अक्तूबर में केसर का बीज बोया था। हरदीप सिंह ने बताया कि केसर का बाजार भाव 1000 से 1500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक है। यह भाव इससे भी अधिक बढ़ने की संभावना रहती है।
मई के पहले सप्ताह में फसल तैयार हो रही है। डेढ़ माह होने के बाद भी अब तक खरीदार नहीं मिल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते खरीदार नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में उनमें अब निराशा होने लगी है, हालांकि उम्मीद है कि अब अनलॉक शुरू हो गया है। शायद अब खरीददार आएंगे। बताया कि कई किसान उनके पास आए और केसर की खेती को देखा, लेकिन वे केसर की खेती में ज्यादा रुचि नहीं ले रहे हैं।