शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम में शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। बिसरा सुरक्षित रखा गया है। बिसरे की जांच के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा। एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा। कहा कि प्रथमदृष्टया शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
पोस्टमार्टम करने वाले एक डॉक्टर ने बताया कि सामान्य तापमान में शव 16 से 20 घंटे में डी-कंपोजिशन शुरू हो जाता है। शव के अंदर गैस बनने लगती है। पानी में गिरने पर शव 24 घंटे में गैस भरने के कारण ऊपर आ जाता है। झील का पानी ठंडा होगा। इस कारण डी-कंपोजिशन देर से शुरू हुआ होगा। बताया कि अभी तक यह स्टडी नहीं है कि ठंडे पानी में शव को डी-कंपोजिशन होने में कितना समय लगता है।
पुलिस भी कठघरे में
बेटे हितार्थ ने पुलिस पर पिता की तलाश में गंभीरता नहीं बरतने का जो आरोप लगाया है, उसे लेकर मौके पर जमा लोग भी सहमत नजर आए। लोगों का कहना है कि जब रेंजर की लास्ट लोकेशन भीमताल में मिली थी तो पुलिस उन्हें क्यों नहीं तलाश सकी। शहर में कई जगह कैमरे लगे हंै। अगर इन कैमरों का बारीकी से अध्ययन किया गया होता तो शायद आज उनके पिता जिंदा होते।
पहले भी कटे हैं पेड़, सबके लिए नियम हैं बराबर
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु बागरी ने कहा कि पेड़ कटने को लेकर विभागीय प्रक्रिया अपनाई गई थी। पेड़ कटने पर एक ही अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार नहीं होता है। टीम ने बरेली से माल भी बरामद कर लिया है। इस मामले में जांच चल रही है। इससे पहले भी कई बार पेड़ कटे हैं। इस पर दबाव की बात नहीं है।