पहाड़पानी(नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों को ओलावृष्टि और बारिश से होने वाले नुकसान का सही आकलन करने के लिए जिले की ग्राम पंचायतों में स्वचालित वर्षा मापी यंत्र लगाए जाएंगे। यह पहल किसानों को उचित मुआवजा दिलाने में मदद करेगी। प्रशासन, उद्यान और कृषि विभाग इसके लिए सर्वेक्षण कर रहे हैं। इन यंत्रों से बीमा कंपनियों और विभागों को नुकसान की सटीक जानकारी मिलेगी। जिले के ओखलकांडा, रामगढ़, धारी, बेतालघाट और भीमताल खंड में 40 हजार से अधिक किसान खेती करते हैं। किसानों को अक्सर फसल नुकसान का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाता है। विभाग ग्रामीणों से 12 वर्ग मीटर भूमि निशुल्क मांग रहा है। इससे प्रत्येक ग्राम पंचायत में नुकसान का अलग आकलन होगा और फसल बीमा भी इसी आधार पर किया जाएगा। खंड स्तर पर भी ऐसे यंत्र लगाए जाएंगे।
सभी ग्राम पंचायतों और ब्लॉक में वर्षा मापी यंत्र लगाए जा रहे हैं। इससे किसानों को फसल बीमा का लाभ लेने में समस्या नहीं आएगी। साथ ही हर ग्राम पंचायत का नुकसान अलग-अलग प्रकार से होता है। यंत्र लगने के बाद आकलन आसानी से हो पाएगा।
-प्रेमा राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी, नैनीताल