अल्मोड़ा। मूसलाधार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अल्मोड़ा में पिछले 24 घंटे में 79 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे तापमान में भी गिरावट आ गई है।
बारिश के दौरान बाजार में भी चहल-पहल कम रही। मलबा आने से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के अलावा 10 मार्ग बंद हैं। मलबा आने से लक्ष्मेश्वर-पांडेखोला बाइपास और धार की तूनी बंद रहे। इन्हें बाद में खोल दिया गया।
वहीं लोअर मालरोड में होटल प्रबंध संस्थान से बेस की ओर जाने वाले मार्ग में पत्थर गिर रहे हैं। इससे इस मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। उधर मानिला-भिकियासैंण मार्ग में नैलवाल पाली गांव के पास खल्टा गधेरे में बहे बैंक कर्मी को सुरक्षित निकाला।
अल्मोड़ा-घाट मार्ग पर पनुवानौला के पास रतवानी में पहाड़ी से काफी मात्रा में मलबा आ गया और पेड़ गिर गए। इससे यह मार्ग शाम 4:30 बजे से बंद है। इससे इस मार्ग में यातायात ठप हो गया है।
वहीं अल्मोड़ा-रानीखेत मार्ग में लक्ष्मेश्वर के पास भैरव मंदिर के आगे ऊपरी क्षेत्र से पहाड़ी से काफी मलबा आने से यह मार्ग अवरुद्ध हो गया है। पहाड़ी से मलबा गिरने से ऊपरी क्षेत्र में स्थित तीन मकानों को भी खतरा पैदा हो गया है।
वहीं धार की तूनी के पास मार्ग में मलबा आने से दिन में यह मार्ग भी अवरुद्ध रहा। बाद में जेसीबी से मलबा हटाकर यह मार्ग खोला गया। नगर के करबला तिराहे से लोअर मालरोड के जाने वाले मार्ग में होटल मैनेजमेंट संस्थान से कुछ आगे पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इस कारण दोपहर 12 बजे से यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।
पिछले 24 घंटे में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश का विवरण
अल्मोड़ा 79 मिमी
रानीखेत 50 मिमी
द्वाराहाट 70 मिमी
चौखुटिया 85.5 मिमी
सोमेश्वर 61 मिमी
भिकियासैंण 88 मिमी
जागेश्वर 71.5 मिमी
ताकुला 81 मिमी
शीतलाखेत 46.5 मिमी
सल्ट 92.5 मिमी
भैंसियाछाना 71.5 मिमी
यह मार्ग पड़े हैं बंद
- अल्मोड़ा-पिथौरागढ़
- अल्मोड़ा लोअर मालरोड- तलेटबैंड-बिरकोला
- खेती-जटेश्वर
- चौबटिया-कुनालखेत
- कुज्याड़ी-दिलकोट
- आटी-हनुमान मंदिर
- चमखला-क्वैराला
- बाड़ीकोट-खुरेड़ी
- जालली- मासो
- जालली-सनड़ै
भवन में पेड़ गिरने की आशंका के तहत जीआईसी भवन में परिवार किया शिफ्ट
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। बारिश के बीच भवन में पेड़ गिरने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एक परिवार को स्कूल भवन में शिफ्ट करवा दिया। वन विभाग से दुर्घटना को दावत दे रहे पेड़ को कटवाने की मांग भी की। पुलिस के मुताबिक सोमेश्वर थानाक्षेत्र के ग्राम पडोलिया मनान निवासी शेखर जोशी ने शनिवार सुबह जिला आपदा कंट्रोल रूप में दूरभाष पर राजकीय इंटर कॉलेज के पास अपने भवन में एक पेड़ गिरने की आशंका दर्ज कराई।
कहा कि बारिश से पेड़ उनके भवन में गिरने की कगार पर है। जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सूचना थाने में दी गई। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्कूल की सुरक्षा दीवार शुक्रवार को बारिश के चलते भरभराकर गिर गई थी। दीवार के पास एक पेड़ के भी चंद्रशेखर के भवन में गिरने की आशंका थी। थानाध्यक्ष ने सुरक्षा के लिहाज से परिवार को पास में जीआईसी मनान के एक कमरे में आवश्यक घरेलू सामग्री के साथ शिफ्ट किया। वन विभाग से पेड़ को जल्द काटने का अनुरोध भी किया गया।
भतरौंजखान-रानीखेत मोटर मार्ग दो स्थानों पर बंद
अल्मोड़ा। एसएसपी पंकज भट्ट ने पुलिस टीम को संभावित आपदा को लेकर सतर्क किया। वहीं पुलिस ने विभिन्न स्थानों में गिरे पेड़ और बंद मोटर मार्ग को सुचारु किया। शनिवार सुबह बारिश के दौरान भतरौंजखान-रानीखेत मोटरमार्ग में दो स्थानों पर विशाल चीड़ का पेड़ मोटर मार्ग में गिर गया।
इससे यातायात ठप पड़ गया। एसआई देवेंद्र सिंह सामंत के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने वुडकटर से पेड़ काट यातायात सुचारु किया। दूसरे मामले में लोनिवि के जेसीबी की मदद से पेड़ को रास्ते से हटाया। एसएसपी ने कहा कि बारिश के बीच आपदा की संभावना भी बढ़ गई है। इसके लिए सभी थाने, चौकी के पुलिस कार्मिक सतर्क रहें।
अल्मोड़ा-बेड़ीनाग मोटर मार्ग पर गिरा मलबा
धौलछीना (अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा-बेड़ीनाग मोटर मार्ग पर मलबा आने से घंटे यातायात ठप हो गया। इससे काफी देर लंबा जाम लगा रहा। एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहने से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह साढ़े 11 बजे अल्मोड़ा-बेड़ीनाग मोटरमार्ग में कसाण बैंड के पास बारिश से मलबा आ गया।
इस बीच मोटरमार्ग में यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया। एक किमी तक काफी लंबा जाम लगा रहा। एक एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रही। गणाई, गंगोलीहाट, थल, डीडीहाट, धारचूला, अल्मोड़ा, हल्द्वानी आने जाने वाले सैकड़ों यात्री मार्ग में फंसे रहे।
मशक्कत के बाद शाम चार बजे मलबा हटाकर मार्ग वाहनों के लिए सुचारु किया गया। बाड़ेछीना के कुमोली गांव में मोहन चंद्र जोशी के भवन की पिछली पत्थर की छत गिर गई, जबकि समीप में एक सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई।
पहाड़ी से गिरे पत्थर से कार क्षतिग्रस्त, चालक घायल
अल्मोड़ा। रानीखेत मार्ग में भैरव मंदिर के पास सड़क पर मलबा आया है। टैक्सी वाहन संख्या एचआर-65-बी-2423 से जसवंत राम (39) परिवार के समेत उडियारी गांव जा रहे थे।
मार्ग कुछ देर के खुला तो उन्होंने कार में बैठे परिचनों को उतार स्वयं वाहन निकालना चाहा, लेकिन पहाड़ी से बड़ा पत्थर उनकी कार पर गिर गया। इसमें उन्हें चोट पहुंची है। 108 से उन्हें जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।
गधेरे में बहे बैंक कर्मी को सकुशल निकाला
मौलेखाल/मानिला। लगातार हो रही बारिश से गधेरे भी उफान पर हैं। शनिवार सुबह मानिला के कुणीधार निवासी बैंक कर्मचारी शंकर दत्त भट्ट भिकियासैंण स्थित यूको बैंक के लिए अपनी स्कूटी से बैंक के लिए रवाना हुआ।
मानिला-भिकियासैंण मार्ग में नैलवाल पाली गांव के निकट खल्टा गधेरा उफान पर था। गधेरे का पानी सड़क पर बह रहा था। रोड पार करते समय बैंक कर्मी स्कूटी समेत पानी के तेज रफ़्तार में बह गए।
संयोगवश भिकियासैंण की ओर से आ रही एक टैक्सी जीप में बैठे युवाओं ने उफनाए गधेरे से बैंक कर्मी को तुरंत बाहर निकाल लिया, जबकि स्कूटी तेज बहाव के साथ बह गई। बैंक कर्मी शंकर दत्त भट्ट को प्राथमिक स्वास्थ केंद्र मणुली ले जाया। जहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें भर भेज दिया गया।
लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण इलाकों में भी हुआ नुकसान
अल्मोड़ा। मूसलाधार हो रही बारिश जिले के ग्रामीण इलाकों मे भी रास्तों, मकानों, बिजली पोलों आदि को नुकसान पहुंचा है। हवालबाग विकासखंड में मनान से सिलंगिया सड़क निर्माण के लिए कटान हुआ है।
बारिश से ग्राम ढोल में बिजली का ट्रांसफार्मर और पोल गिरने की स्थिति में पहुंचा गया है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा के जिलामहामंत्री महेश नयाल ने विभागीय अधिकारियों से बिजली पोल और ट्रांसफार्मर के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग उठाई है। उधर कटारमल ग्राम पंचायत में दीवारों क्षतिग्रस्त होने से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं और मकानों को भी खतरा बना हुआ है।
मानिला क्षेत्र में सड़कों को पहुंचा नुकसान
मानिला। भारी बारिश से क्षेत्र की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। गांवों में नाले और गधेरे उफान पर हैं, जिससे कई गांवों का आपसी संपर्क टूट चुका है। गांवों में गधेरों के बहाव को रोकने के लिए बने चैकडैम गधेरों को बहाव में बह गए हैं। इससे गधेरों में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है। खेतों की सुरक्षा दीवारें भी ढ़ह गई हैं।
बारिश से सदरा-टिटौली रोड का करीब 50 मीटर हिस्सा बह गया है। वहीं सदरा-चौना, रतखाल-डढोली, नैल-खलटा, सदर-संसारी-इडाकोट रोड को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ग्राम पंचायत टिटौली के ग्राम इड़ाकोट में बिजली के तार के ऊपर पेड़ गिर गया।
इससे पिछले दो दिन से ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त हो रहे संपर्क मार्गों से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ग्रामीण जरुरी सामान की खरीदारी के लिए भी मुश्किल से बाजार जा पा रहे हैं। बारिश से लोगों में दहशत व्याप्त है।
पहाड़ी खिसकने से चौखुटिया के एनएच पर यातायात प्रभावित
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से रामगंगा नदी पूरे उफान पर है। नदी के तेज प्रवाह से धुधलिया महर के पास तटबंध की मुख्य दीवार टूट गई है। इससे खतरा बढ़ गया है।
चौखुटिया बाजार के पास नदी का पानी छठ घाट परिसर में भी पहुंच गया है, जबकि दूसरे छोर पर सुरक्षित तटबंध होने से लोग सुकून महसूस कर रहे हैं। अगनेरी में भनोटिया पेयजल योजना के पंप हाउस के बाहर तक पानी पहुंचा है। तहसील के सभी क्षेत्रों में नाले काफी तेज गति से बह रहे हैं। कई क्षेत्रों में भारी भूकटाव, भूस्खलन आदि की जानकारी भी है। हालांकि दोपहर बाद नदी का जलस्तर कम होने के साथ ही बारिश रुकने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
चौखुटिया में एक पहाड़ी खिसकने से बोल्डर, पेड़, मलबा सड़क में गिर गया। इस दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा निकटवर्ती दुकानों के बाहर गिर गया। वहां किसी भी व्यक्ति के न होने से बड़ा हादसा बच गया। अलबत्ता चौखुटिया-द्वाराहाट राष्ट्रीय राजमार्ग कुछ घंटे तक बाधित रहा बाद में जेसीबी बुलाकर मलबा और बोल्डर हटाकर सड़क खुलवाई गई।
पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश दोपहर बाद कुछ कम हुई है लेकिन भूस्खलन के साथ ही पहाड़ियों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। चौखुटिया में करीब पांच बजे पहाड़ी खिसकने से पहाड़ के बोल्डर, मलबा, बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मलबे में कुछ बंदर भी दब गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो जेसीबी की मदद से मलबा हटाया। बाद में विधायक महेश नेगी भी एक जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे।
रोपाई के लिए वरदान साबित हुई बारिश
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। आफत की बारिश से जहां एक ओर जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित है वहीं दूसरी ओर धान की रोपाई में जुटे किसानों के चेहरों पर रौनक है। कई गांवों में सिंचाई की नहरों की स्थिति ठीक न होने से किसान रोपाई को लेकर बड़ी चिंता में थे। इस बीच तीन दिन से लगातार हुई बारिश होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। किसान अपना सारा कार्य छोड़कर धान की रोपाई में जुट गए हैं।
बारिश से रानीखेत द्वाराहाट क्षेत्र में व्यापक नुकसान
रानीखेत/द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से ताड़ीखेत ब्लॉक के सुदूर ग्राम पंचायत नौबा में बड़े नुकसान की सूचना है। लछमोला-नौबा मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से सड़क बंद हो गई है। गांव का अन्य स्थानों से संपर्क कट गया है।
प्रधान नवीन सिंह रावत ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से गांव से काफल गधेरा उफान पर है। 20 नाली उपजाऊ भूमि तेज बहाव में बह गई। मिर्च और मडुए की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों के घरों के आंगन, सुरक्षा दीवार और संपर्क मार्ग भी बारिश से ध्वस्त हो गए हैं। मजखाली में अतिवृष्टि के कारण मदर हैरिटेज की सुरक्षा दीवार ध्वस्त हो गई है।
मल्ली रियूनी निवासी शिक्षक मनीष अधिकारी ने इसकी सूचना प्रशासन को दे दी है। खुडोली भुजान निवासी 88 वर्षीय बुजुर्ग मोहन सिंह मेहरा के भवन का मकान का आंगन और घर का रास्ता ध्वस्त हो गया है। आंगन क्षतिग्रस्त होने से झुंगर सिंह करायत की शिमला मिर्च की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
द्वाराहाट के जालली कल्याणीगैर ईड़ा बाराखाम में ग्रेसी कॉन्वेंट स्कूल के मैदान में सड़क का मलबा मैदान में भर गया है। स्कूल की चहारदीवारी और सुरक्षा दीवार भी धराशायी हो गयी।
स्कूल की संचालिका द्वाराहाट की ज्येष्ठ उपप्रमुख नंदिता भट्ट ने बताया कि सड़क के पूर्व में गूल (नाली) बंद होने के कारण भारी मात्रा में पानी कलमठ में न जाकर सड़क पर जमा हो गया, जिसके दबाव से सड़क की करीब 30 फुट लंबी दीवार टूट गयी और भारी मात्रा में उसका मलबा स्कूल में आ जाने से वहां लगी सोलर लाइट पोल समेत निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हो गई। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें करीब सात लाख रुपये की क्षति हुई है।
जैनोली में मकान के ऊपर गिरा बेतुन का पेड़
रानीखेत (अल्मोड़ा)। लगातार हो रही बारिश से नुकसान का सिलसिला शुरू हो गया है। द्वाराहाट के मिरई के पास मलबा आने के कारण घिंघारीखाल-द्वाराहाट मोटर मार्ग शनिवार सुबह तीन घंटे बंद रहा। बारिश अब आफत बनकर कहर भी बरपाने लगी है।
शनिवार को तहसील के समीपवर्ती जैनोली में मनोज बिष्ट के मकान पर बेतुन का पेड़ गिरने से छत, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि हादसा टल गया। कोतवाली परिसर की चहारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे निचले हिस्से में रहने वाले लोग भयभीत हैं। घिंघारीखाल-द्वाराहाट एनएच पर मिरई के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे राजमार्ग सुबह करीब तीन घंटे तक बाधित रहा।