नैनीताल। कुमाऊं विवि इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर और डायरेक्टोरेट ऑफ विजिटिंग प्रोफेसर की ओर से प्रौद्योगिकी विकास की प्रक्रिया, तकनीकी तत्परता स्तर और लैब तकनीकों के व्यवसायीकरण पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. एनजी साहू ने प्रतिभागियों को तकनीकी नवाचार और अनुसंधान के व्यावसायिक पहलुओं को गहराई से समझने में मदद की। व्याख्यान में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में प्रो. नंद गोपाल साहू ने प्रतिभागियों को प्लास्टिक व अन्य सामग्री को ग्राफीन में बदलने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राफीन स्टील से 200 गुना ज्यादा मजबूत और बेहद हल्का होता है। इसका उपयोग ऊर्जा भंडारण, जल शोधन, ड्रग डिलीवरी और पॉलीमर निर्माण में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी तकनीक को भीमताल के अलावा रायपुर व छत्तीसगढ़ में दो उद्योगों को हस्तांतरित किया है।
उनकी टीम प्लास्टिक कचरे से हाइड्रोजन ऊर्जा प्राप्त करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके लिए उन्हें डीआईबीईआर-डीआरडीओ से परियोजना मिली है। वहां प्रो. ललित तिवारी, प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. लज्जा भट्ट, प्रो. गीता तिवारी, प्रो. जया तिवारी, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. डीएस कंबोज, डॉ. नंदन सिंह मेहरा, डॉ. रीना सिंह, डॉ. बालम सिंह आदि थे। संवाद
मेरठ---एसएन फार्म हाउस 100 फुटा रोड मृतको के शवो को कबिस्तान ले जाते लोगस ------नीटू