लोक अदालत के आदेश के बाद भी हल्द्वानी जेल के 35 कैदी जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। इनके या इनके परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि ये 500 से 1000 रुपये तक जुर्माने की राशि जमा नहीं कर पा रहे हैं। अब जेल प्रशासन ने संस्थाओं से मदद मांगी है।
बीती दस दिसंबर को नैनीताल में लोक अदालत का आयोजन हुआ था। इसमें न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के तहत सजा पूरी कर जुर्माने का कारावास काट रहे कैदियों को रिहा करने के आदेश दिए थे। 35 कैदियों के रिहाई के आदेश हुए थे। इसमें चोरी, आर्म्स एक्ट सहित कई मामले थे। लोक अदालत ने इनकी रिहाई पर 500 से 1000 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा करने के बाद इन्हें रिहाई मिल जाएगी।
जुर्माना जमा नहीं करने की शर्त पर इन्हें जुर्माने के एवज में 15 दिन से महीने भर की सजा और काटनी पड़ेगी। इन कैदियों की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण ये अभी भी जेल में रहने को मजबूर हैं। उधर जेल प्रशासन ने कुछ संस्थाओंसे आर्थिक सहयोग मांगा है जिससे वे इन कैदियों का जुर्माना भर सकें।
लोक अदालत के आदेश के बाद भी 35 कैदी रिहा नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण जुर्माना अदा नहीं कर पाना है। इनकी आर्थिक हालत को देखते हुए संस्थाओं की मदद ली जाएगी। एक-दो संस्थाओं ने इसके लिए मदद करने की बात कही है।
-प्रमोद पांडे, जेल अधीक्षक, हल्द्वानी उप कारागार।