हल्द्वानी। एक बार फिर गुपचुप ढंग से उच्चशिक्षा निदेशालय को देहरादून शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने निदेशालय के सबसे अहम कार्य अधिकारियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों की सेवाओं से जुड़े अधिष्ठान कार्य और बजट कार्य से जुड़े पूरे स्टाफ को तीन महीने के लिए देहरादून में बैठने के आदेश जारी किए हैं। निदेशक को समस्त अभिलेखों सहित स्टाफ को देहरादून भेजने को कहा गया है।
शासन के संयुक्त सचिव एमएम सेमवाल की ओर से उच्चशिक्षा निदेशक को अति महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि उच्चशिक्षा निदेशालय हल्द्वानी में कार्यरत ऐसे अधिकारी, कर्मचारी जो कि सभी श्रेणियों के अधिकारी एवं कर्मचारियों के अधिष्ठान संबंधी कार्य तथा बजट संबंधी कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं, उन्हें आगामी तीन महीने के लिए समस्त संबंधित अभिलेखों सहित देहरादून में स्थित संयुक्त निदेशक उच्चशिक्षा कार्यालय में तैनात किया गया है। संयुक्त सचिव ने उच्चशिक्षा निदेशक से इस महत्वपूर्ण प्रकरण में व्यक्तिगत रुचि लेने को भी कहा गया है। इधर, शासन ने यह निर्णय क्यों लिया, इसके पीछे क्या मंतव्य है इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। देहरादून में संयुक्त निदेशक उच्चशिक्षा कार्यालय के पास खुद अपना कोई भवन नहीं है बल्कि यह कार्यालय खुद दून विश्वविद्यालय के दो-तीन कमरों में चल रहा है। इस संबंध में उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. एससी पंत से जानकारी करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल फोन नहीं उठ सका। वहीं, प्रमुख सचिव (उच्चशिक्षा) आनंद बर्धन ने इस तरह के आदेश की जानकारी होने से इनकार किया है।
ये कार्यालय पूर्व में देहरादून जा चुके हैं
- भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड
- मुख्य वन संरक्षक पर्यावरण कार्यालय
- परिवहन आयुक्त कार्यालय