हल्द्वानी। केंद्र सरकार ने राशन कार्ड से जाति आधारित आंकड़ा एकत्र करने की तैयारी शुरू कर दी है। राशन कार्ड बनाने के साफ्टवेयर में बदलाव किया गया है। इसमें जाति, स्थायी, मनरेगा जॉब कार्ड, विकलांगता, गंभीर बीमारी को भरना अनिवार्य कर दिया है। इसके बिना राशन कार्ड में न तो बदलाव होगा न ही नया राशन कार्ड बनेगा।
सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार जाति आधारित जनसंख्या का आकलन करना चाहती है। इसे देखते हुए राशन कार्ड के साफ्टवेयर में नया अपडेट किया गया है। अगर कोई मनरेगा मजदूर है तो उसे अपना जॉब कार्ड भी अपडेट कराना होगा। मनरेगा मजदूर नहीं होने पर उसे एक घोषणा में हस्ताक्षर करने होंगे।
डीएसओ मनोज कुमार वर्मन का कहना है कि केंद्र ने राशन कार्ड के साफ्टवेयर में बदलाव किए हैं। शासन से पूछा गया है कि जाति प्रमाण पत्र परिवार के सभी सदस्यों का लगाना अनिवार्य है, या मुखिया की जाति ही परिवार के सभी लोगों की जाति मानी जाएगी।
सामान्य जाति के लोगों को देना होगा शपथ पत्र
सामान्य जाति के लोगों को शपथ पत्र देना होगा कि उनकी जाति सामान्य है। तब ही उनका राशन कार्ड बनेगा। उधर जन्म प्रमाण पत्र के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या वोटर आईडी देनी होगी।
गंभीर बीमारी और विकंलागता का भी देना होगा प्रमाण पत्र
अगर कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी कैंसर, ट्यूमर आदि तो उसे भी राशन कार्ड के डाटा में दर्ज किया जाएगा। विकलांग होने की स्थिति में उसे विकलांगता प्रमाण पत्र भी देना होगा।