रामनगर। पीपीपी मोड पर संचालित अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में उपवास रख प्रदर्शन कर धरना दिया। आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को न तो इलाज मिल रहा है और न ही दवाईयां मिल रही हैं।
सोमवार को उपवास पर बैठे कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने कहा कि जब से सरकारी अस्पताल पीपीपी मोड़ पर गया है तब से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को सीधा रेफर किया जा रहा है।
दो दिन पहले मोहल्ला खताड़ी निवासी जफर इकबाल की पत्नी गर्भवती थीं और उनको रेफर कर दिया गया जबकि उस महिला की घर पर नार्मल डिलीवरी हुई। विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी होने के कारण गंभीर रोगियों को खामियाजा उठाना पड़ रहा है। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि अस्पताल को पीपीपी मोड़ से हटाया जाए। अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन की सुविधा मिले।
अस्पताल में व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जाए और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति तुरंत की जाए। मांग पूरी न होने पर कांग्रेस जन आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान महावीर सिंह रावत, राहुल कांडपाल, संजय रावत, शिल्पेंद्र बंसल, वीरेंद्र चौहान, किशोर चंद्र, सुमित लोहनी, अमित पाल सिंह रावत, गोपाल सिंह अधिकारी, अब्दुल रहमान, मोहम्मद सलीम, सलमान सलमानी आदि थे।
अस्पताल में नहीं मिली दवाईयां
सोमवार को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आई खताड़ी निवासी गुड़िया को खाली हाथ लौटना पड़ा। साथ ही शबाना के पेट में दर्द था, अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने दवाई लिखी लेकिन उसे दवाई नहीं मिला। बताया गया कि अस्पताल में दवाई खत्म हो गई हैं। इस बात की शिकायत मरीजों ने धरने पर बैठे लोगों से भी कही। इस मसले में सीएसएस डॉ. चंद्रा पंत ने कहा कि अस्पताल में दवाईयों की कमी नहीं है। यदि दवाई नहीं दी गई तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।