हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों को तैनाती का रास्ता साफ हो गया है। कोविड-19, एमसीआई का निरीक्षण और नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया चुनाव आचार संहिता लगने से पहले पूरी हो गई थी।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में दस से अधिक डॉक्टरों के तबादला होने से चिकित्सकों की कमी बनी हुई थी। इसी को देखते हुए चिकित्सा-शिक्षा ने नवंबर में डॉक्टरों की भर्ती को लेकर वॉक इन इंटरव्यू रखा था, जिसमें 25 चयनित डॉक्टरों की सूची शासन को भेज भी दी थी। बाद में शासन ने नियुक्ति संबंधी आदेेश जारी किए थे, जिसके बाद 15 डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया था लेकिन, दस डॉक्टर ज्वाइन नहीं कर सके थे। बाद में आचार संहिता लग गई। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन ने जिला निर्वाचन अधिकारी से तैनाती देने से पहले सलाह मांगी थी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कोविड महामारी आदि को देखते हुए तैनाती की अनुमति प्रदान कर दी है।
डेढ़ दशक गुजरा फिर भी नहीं बन पाया ऑडिटोरियम
हल्द्वानी। सरकारी विभागों में योजनाएं कैसे चलती हैं, उसको मेडिकल कालेज के ऑडिटोरियम से समझा जा सकता है। ऑडिटोरियम की योजना की लागत बढ़ती गई, साल भी एक-एक कर गुजरते गए, लेकिन ऑडिटोरियम पूरा नहीं हो सका है। अब दावा किया जा रहा है कि अगले माह तक काम पूरा जाएगा।
तत्कालीन उत्तराखंड फॉरेस्ट हॉस्पिटल ट्रस्ट के अधीन वर्ष-2007-08 में ऑडिटोरियम बनाने की योजना बनी, बताते हैं कि उस समय आडिटोरियम की लागत नौ करोड़ आंकी गई। इसके बाद काम शुरू हुआ जो आज तक पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच ऑडिटोरियम की लागत 17 करोड़ पहुंच गई। बाद में यह लागत बढ़कर 24 करोड़ 50 लाख हो गई बीच में बजट न मिलने के कारण साढ़े तीन सालों तक काम पूरा नहीं हो सका। पिछले साल नवंबर लेकर फरवरी तक सात करोड़ से अधिक निर्माण एजेंसी को देने के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। कालेज प्रबंधन के अनुसार निर्माण एजेंसी को मार्च तक काम पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।
एक हजार सीट की क्षमता
हल्द्वानी। ऑडिटोरियम की सीट क्षमता एक हजार है। इसमें सात सौ नीचे और तीन सौ बालकनी में सीट होगी। पूरे ऑडिटोरियम में एसी लगा होगा। ऑडियो-विजुअल की सुविधा, वेटिंग एरिया आदि होगा। इसके बनने से व्याख्यानमाला समेत अन्य कार्यक्रम हो सकेंगे। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेकानंद सत्यवली का कहना है कि निर्माण एजेंसी को 31 मार्च तक काम पूरा करने को कहा गया। आडिटोरियम बनने से बड़ी कांफ्रेस आदि हो सकेंगी। इससे चिकित्सा-शिक्षा से जुड़े कार्यों में मदद मिलेगी।