साफिया मलिक दो अप्रैल को पुलिस ने बरेली से किया गिरफ्तार
हल्द्वानी हिंसा को लेकर पुलिस ने तीन एफआईआर घटना के दूसरे दिन ही दर्ज की। 22 फरवरी को नगर निगम की तहरीर पर पुलिस ने अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया और चार अन्य लोगों के खिलाफ हल्द्वानी पुलिस स्टेशन में धारा 420, 417 और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एक अन्य मुकदमा दर्ज किया। जिसमें उन पर आपराधिक साजिश करते हुए मृत व्यक्ति के नाम का उपयोग करके कथित तौर पर अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माण और भूमि का अवैध हस्तांतरण करने का आरोप लगाया गया। साथ ही मृत व्यक्ति के नाम से शपथ पत्र बनाने, कोर्ट में रिट डालने का भी आरोप लगाया गया।
फरवरी को भड़की थी हिंसा
बनभूलपुरा क्षेत्र में आठ फरवरी की शाम को उस वक्त हिंसा भड़क गई थीं, जब हल्द्वानी नगर निगम और नैनीताल प्रशासन के कर्मचारियों ने दो निर्माणों को इस आधार पर गिराने गया था कि वे नजूल की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। 22 साल पुराने इन निर्माणों को गिराए जाने से नाराज स्थानीय लोगों ने कई वाहनों समेत बनभूलपुरा पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी, साथ ही प्रशासन की टीम के साथ-साथ पुलिसकर्मियों पर भी भारी पथराव किया था। इसके बाद प्रशासन ने देखते ही गोली मारने के आदेश जारी करते हुए कस्बे में कर्फ्यू लगा दिया था। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी और 150 लोग घायल हो गए थे। अब्दुल मलिक, अब्दुल मोईद समेत 36 आरोपियों पर यूएपीए कानून के तहत कार्रवाई हुई है।