लालकुआं (नैनीताल)। बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने सेंचुरी पेपर मिल से निकलने वाले नाले को भूमिगत करने एवं प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ग्रामीणों ने घोड़ानाला स्थित खेल मैदान से जुलूस निकाला और फिर तहसील पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि सेंचुरी पेपर मिल से घोड़ानाला की ओर निकलने वाले नाले को भूमिगत कराया जाए। साथ ही प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाए। इसके तहत घोड़ानाला बिंदुखत्ता क्षेत्र में निशुल्क पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। लगभग दो घंटे तक धरना देने के बाद धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम विवेक रॉय को ग्रामीणों ने पांच सूत्री ज्ञापन की प्रति सौंपी, इसमें 15 अगस्त तक मांगों पर मिल प्रबंधन द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है।
इससे पहले क्षेत्रीय विधायक नवीन दुम्का ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सेंचुरी मिल प्रबंधन नाले को भूमिगत करने की योजना बनाएगा तो शासन प्रशासन द्वारा सहयोग किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में भाजपा नेता डॉ.मोहन सिंह बिष्ट, हरीश बिसौती, हर्ष बिष्ट, आनंद गोपाल सिंह बिष्ट, जीवन जोशी, एडवोकेट बालम सिंह बिष्ट, नरेंद्र सिंह गड़िया, हयात सिंह कोरंगा, भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष खिलाफ सिंह दानू, किरन डालाकोटी, नंदन सिंह बोरा, संध्या डालाकोटी, बलवंत सिंह दानू, प्रमोद कालोनी, भगवान सिंह धामी, सूर्य प्रताप सिंह, रमेश पाठक, राजेंद्र सिंह बिष्ट, भुवन पांडे, कैलाश चंद्र पंत, नवीन पपोला आदि थे।
मिल के संयंत्रों को अत्याधुनिक स्वरूप दिया है : जेपी नारायण
सेंचुरी पेपर मिल के मुख्य संचालन अधिकारी जेपी नारायण का कहना है कि मिल ने वर्ष 2012 से 2018 तक प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में 150 करोड़ रुपये खर्च कर यहां के संयंत्रों को अत्याधुनिक स्वरूप दिया है। यदि नाला प्रदूषित है तो नाले में सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ एवं मछलियां कैसे पल रहे हैं, जबकि भारी संख्या में ग्रामीण सेंचुरी नाले के पानी से सिंचाई कर रहे हैं। जेपी नारायण ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सेंचुरी पेपर मिल के कई संयंत्रों की 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी करता है। वहां की अधिकृत संस्थाएं समय-समय पर सेंचुरी मिल में आकर प्रदूषण संयंत्रों की जांच करती है। उन्होंने कहा कि सेंचुरी मिल के खिलाफ किए जा रहे आंदोलन में जो लोग ग्रामीणों को भ्रमित कर रहे हैं, उनके मिल से निहित स्वार्थ जुड़े हैं।