नैनीताल। उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी में जल जीवन मिशन के तहत सर्विस डिलीवरी विषय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत 2024 तक हर व्यक्ति को रोजाना 55 लीटर शुद्ध जल मुहैया करने के लिए अपशिष्ट जल को शुद्ध करने, भूजल को रिचार्ज करने, बारिश के पानी को ट्रैप करने की योजना तैयार की गई है। इसके लिए विभागों की जवाबदेही भी तय की गई।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए आयुक्त और एटीआई के निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि जल ही जीवन की अवधारणा को धरातल में साकार करना होगा। उन्होंने इसके लिए समन्वय से काम करने पर जोर दिया। अकादमी के संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद्र ने मिशन की उपयोगिता की जानकारी दी और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए।
इससे पहले जल शक्ति मंत्रालय जल जीवन मिशन के निदेशक युगल किशोर जोशी व प्रदीप सिंह ने मिशन की उपयोगिता, अवधारणा व तकनीकी ज्ञान की जानकारी दी। रिसोर्स पर्सन जलसंस्थान के एसई विशाल सक्सेना, ईई संतोष उपाध्याय, कार्यक्रम निदेशक मनोज पांडे ने भी विचार व्यक्त किए।
प्रशिक्षण में अल्मोड़ा के सीडीओ नवनीत पांडे, नैनीताल के डॉ. संदीप तिवारी, नैनीताल के संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन, केएमवीएन के एमडी नरेंद्र सिंह भंडारी, संस्थान के उपनिदेशक जगदीश कांडपाल समेत असम, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू कश्मीर आदि राज्यों के अधिकारी और अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता आदि ने हिस्सा लिया।