घूमने, हनीमून, नौकरी आदि कारणों से विदेश जाने का चलन बढ़ रहा है। विदेश टूर के दौरान युवा वहां की सड़कों पर खुद फर्राटा भरना चाहते हैं। इसी कारण नैनीताल जिले में पिछले पांच वर्षों में अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) लेने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
नैनीताल के युवा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम देशों में जाना ज्यादा पसंद करते हैं। इन देशों में भारत का ड्राइविंग लाइसेंस मान्य होता है। हालांकि वहां वाहन चलाने के लिए स्थानीय स्तर पर परिवहन विभाग अलग से परमिट जारी करता है। इसकी वैधता एक साल तक होती है। वैधता समाप्त होने के बाद इसे रिन्यू नहीं किया जाता है। इसके बाद दोबारा आवेदन करना पड़ता है। विदेश में ड्राइविंग करने के शौक के चलते युवा अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवा रहे हैं।
कैसे बनता है आईडीपी
आईडीपी बनवाने के लिए नजदीकी परिवहन कार्यालय जाना होगा। इसके लिए भारत का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, वीजा, मेडिकल सर्टिफिकेट, एयर टिकट जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। कागजी प्रक्रिया और फीस जमा करने के बाद विभाग आवेदक का बायोमेट्रिक करवाता है। बता दें कि दुनिया के करीब 150 देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस से ड्राइविंग की जा सकती है। इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, साउथ अफ्रीका, स्वीडन, जर्मनी, नॉर्वे, सिंगापुर आदि देश शामिल हैं।
ड्राइविंग के लिए जानें नियम
भारत में बायीं तरफ ड्राइविंग होती है, इसलिए यहां के वाहनों में दायीं तरफ स्टेयरिंग होता है। ऐसे देश जहां दायीं तरफ ड्राइविंग होती है और बायीं तरफ स्टेयरिंग लगा होता है, वहां भारतीय चालक के साथ वाहन में उस देश के ड्राइविंग लाइसेंस धारक का होना जरूरी है। बायीं तरफ ड्राइविंग वाले देशों में भारतीय लाइलेंस से अकेले भी ड्राइविंग की जा सकती है।
जितने आईडीपी परमिट जारी होते हैं, इतने ही लोग इसे बनवाने की जानकारी लेने के लिए भी आते हैं। सभी कागज पूरे होने पर एक ही दिन में यह परमिट जारी कर दिया जाता है। कई देशों से वीजा-ऑन-अराइवल मिलता है, उन्हें एयर टिकट से ही परमिट जारी किया जाता है।
-संदीप सैनी, आरटीओ
पांच वर्षों का डाटा-
वर्ष- 2020 2021 2022 2023 2024 (सितंबर तक)
जारी परमिट- 10 24 90 130 71
(रामनगर को छोड़कर पूरे नैनीताल जिले का डाटा)- परिवहन विभाग के अनुसार।