हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में पहाड़ पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ‘पहाड़ों में धड़कती कला’ और ‘उत्तराखंड परिदृश्य एवं परिवर्तन’ पुस्तकों का विमोचन हुआ।
उत्तराखंड परिदृश्य एवं परिवर्तन पुस्तक के लेखक डॉ. बीएस मेहता और डॉ. बीआर पंत ने पुस्तक के बारे में बताया। कहा कि पुस्तक पहाड़ और मैदान की जनसंख्या के तुलनात्मक अध्ययन पर निर्भर है। इसमें बदलते दौर में पहाड़ से घट रही आबादी का शहरों की ओर पलायान को दर्शाया गया है। डॉ. पंत ने कहा कि पुस्तक को दस अध्यायों में बांटा गया है। इसमें 1990-2011 तक के जनसंख्या और पलायन आधारित परिदृश्य को बताया गया है। साथ ही पलायन के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है। इधर पहाड़ों में धड़कती कला के लेखक डॉ. विवेक पंत ने बताया कि पुस्तक में कुमाऊं के मंदिर, हिमालय की श्रेणियां, वादियों और हरियाली भरे प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शाया गया है।
पद्मश्री प्रो. शेेखर पाठक और एआईआरडी के पूर्व निदेशक डॉ. भगवती प्रसाद मैठाणी ने पुस्तकों को शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया। प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी ने पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीबी पंत विवि के पूर्व कुलपति प्रो. बीएस बिष्ट ने की। संचालन यूओयू के प्रो. गिरिजा पांडे ने किया। कार्यक्रम में एएसआई के पूर्व महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी, पद्मश्री अनूप साह, प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी, प्रो. एसपीएस मेहता, डॉ. प्रयाग जोशी, राजीव लोचन साह, डॉ. बीएस बिष्ट, प्रो. उमा भट्ट आदि मौजूद रहे।
हल्द्वानी एमबी कॉलेज में पहाड़ पुस्तक का विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।