नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार की कांग्रेस नेता पूनम भगत को इलाज के लिए एक माह की शार्ट टर्म जमानत दे दी है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि समय पूरा होने के बाद वे स्वयं जेल प्रबंधक के समक्ष पेश हों।
न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। पूनम भगत पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पुत्रवधू यशिका गौतम को दहेज के लिए प्रताड़ित किया। 24 फरवरी 2021 को यशिका की निजी आवास में मौत हो गई थी। 25 फरवरी को यशिका के मायके पक्ष के लोगों ने ज्वालापुर थाने में उनके ससुरालियों पर दहेज मांगने, दहेज के लिए उत्पीड़न करने और दहेज हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 25 मार्च को आरोपी पूनम भगत को रुड़की रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जेल में ही है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने उपचार के लिए कोर्ट में शार्ट टर्म जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें कहा गया था कि वह ऑर्थोराइटिस और स्पॉन्डिलाइटिस से ग्रसित है इसलिए उनको इलाज के लिए शार्ट टर्म जमानत दी जाए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को एक माह के लिए शर्ट टर्म बेल दे दी। (संवाद)