हल्द्वानी। मेडिसिन विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने मेडिकल कॉलेज को छोड़ दिया है, जबकि एक और असिस्टेंट प्रोफेसर ने नौकरी छोड़ने का नोटिस दे दिया है। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन के सामने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर रखने की चुनौती है।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की काफी कमी है। 23 अप्रैल को डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न विभागों में संविदा के आधार पर असिस्टेंट, एसो. प्रोफेसर और प्रोफेसर के 109 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था। मगर इसमें सिर्फ दस डॉक्टर ही मिल सके थे। इसमें भी तीन डॉक्टर पहले से ही मेडिकल काूलेज में कार्यरत थे। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एक प्रोफेसर और दो एसो. प्रोफेसर का तबादला पिछले साल अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कर दिया गया था। यहां पर कार्यरत एक डॉक्टर के पास मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और दूसरे के पास चिकित्सा अधीक्षक का भी चार्ज भी मिला हुआ है। ऐसे में एक और डॉक्टर ने छोड़ दिया है, जबकि एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने नौकरी छोड़ने का नोटिस दे दिया है।
मेडिकल कॉलेज में 40 फीसदी डॉक्टरों की कमी
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और पीजी के कोर्स संचालित होते हैं। सात सौ बेड का अस्पताल है। यहां पर मानकों के हिसाब से सभी विभागों तय पदों के सापेक्ष 40 प्रतिशत पदों पर कमी है। साथ ही सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों की 80 प्रतिशत तक कमी है। रेडियोलॉजी विभाग में एक भी डॉक्टर नहीं है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में तीन डॉक्टर हैं, जबकि फोरेंसिक विभाग में एक डॉक्टर है। इस माह एनएमसी का दौरा भी हो सकता है, इसे लेकर भी कॉलेज प्रबंधन की नींद उड़ी हुई है। वहीं, 23 अप्रैल को दस डॉक्टरों की भर्ती हुई थी, उनकी तैनाती का आदेश अभी नहीं हो सका है। (माई सिटी रिपोर्टर)