क्या कहते हैं वनाधिकारी
प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव समीर सिन्हा कहते हैं कि जहां पर बाघों की संख्या अधिक हुई है, वहां तेंदुओं की संख्या कम हुई है। अगर रिपोर्ट को देखते हैं तो पता चलता है कि राजाजी नेशनल पार्क में जहां तेंदुओं का बाघ से कंप्टीशन कम है, वहां संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा वन विभाग ने पूरे प्रदेश में तेंदुओं की संख्या को लेकर आकलन कराया था। स्टेटस आफ लेपर्ड इन इंडिया-2022 के अध्ययन में शामिल रहे मुख्य वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि बाघ अपनी सीमा में तेंदुए को नहीं रहने देते हैं। यह फूड चेन का विषय भी है।
राज्य में लगातार बढ़ रही बाघों की संख्या
राज्य में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष-2006 में बाघ 178 रिपोर्ट हुए थे, जो कि वर्ष-2022 में बढ़कर 560 तक पहुंच गए हैं। स्टेस आफ लेपर्डस इन इंडिया-2022 रिपोर्ट के अनुसार रामनगर वन प्रभाग में लेपर्ड की संख्या कम हुई है, कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे रामनगर वन प्रभाग में बाघों की संख्या बढ़कर 67 हो चुके हैं।