फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ाएगी किसानों की आजीविका

विज्ञापन
जनपद में इस तरह लगाया जाएगा ड्रैगन फ्रूट का पौधा। संवाद - फोटो : BHIMTAL
विज्ञापन
भीमताल (नैनीताल)। किसानों की आय वृद्धि के लिए उद्यान विभाग अब जिले में ड्रैगन फ्रूट (पिताया) की खेती कराने जा रहा है। इसकी खेती के लिए उद्यान विभाग ने जिले में चार हेक्टेयर भूमि का चयन कर तैयारी शुरू कर दी है। उद्यान विभाग ड्रैगन की खेती के लिए किसानों को 37500 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान देगा।
विज्ञापन

बागवानी मिशन के तहत जिले में पहली बार होगी खेती
उद्यान विभाग बागवानी मिशन के तहत पहली बार जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती करने जा रहा है। विभाग ने रामनगर में दो, बैलपड़ाव में एक, हल्द्वानी और भीमताल में आधा-आधा हेक्टेयर में खेती का प्रस्ताव भी तैयार कर दिया है।
क्या है ड्रैगन फ्रूट
ड्रैगन फ्रूट (पिताया) स्वादिष्ट और महंगा बिकने वाला फल है। इसका वानस्पतिक नाम हायलोसेरिस अंडटस है। कैक्टेसिया फैमली से संबंध रखने वाले पौधे पर गुलाबी रंग के स्वादिष्ट फल लगते हैं। स्वादिष्ट होने की वजह से इसे सुपर फूड भी कहा जाता है। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, प्रोटीन, फाइबर, आयरन और विटामिन सी की प्रचुर मात्रा होती है। यह फल इम्युनिटी बूस्टर, डायबिटीज को कम करने के साथ कॉलेस्ट्रॉल के लिए भी लाभदायक है। इसका उत्पादन देश के कर्नाटक, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और आंध्रप्रदेश में किया जाता है। ऐसे की जाती है खेती
विज्ञापन

ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को लकड़ी या क्रंकीट के पिलरों की जरूरत होती है। इन पिलरों से पौधों को वृद्धि में मदद मिलती है। इसका पौधा कैक्टस की तरह नुकीला होता है। जिस वजह से इस पौधे को जानवर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। बंजर भूमि पर भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है।
एक हेक्टेयर में लगाए जा सकते हैं 2500 पौधे
एक हेक्टेयर भूमि पर 2500 से अधिक ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए जा सकते हैं। इसकी खेती के लिए पानी की अधिक आवश्यकता भी नहीं होती है। यह गर्म जगह में आसानी से उग सकता है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने में करेगा मदद
ड्रैगन फ्रूट की खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने में कारगर साबित हो सकती है। एक हेक्टेयर में हर साल लगभग आठ हजार किलो फलों का उत्पादन किया जा सकता है। बाजार में यह 200 रुपये किलो से अधिक दाम पर बिकता है। उद्यान विभाग का मानना है कि किसान सालभर में करीब दो लाख रुपये तक की आमदनी कर सकता है।
कोट
रामनगर, बैलपड़ाव, हल्द्वानी और भीमताल में ड्रैगन फ्रूट की खेती की योजना तैयार की गई है। चार हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इसमें किसानों को 37500 रुपये अनुदान दिया जाएगा। इससे किसानों की आय वृद्धि होगी।
विज्ञापन

- डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें