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अप्रैल की झुलसाती गर्मी और बारिश का नामोनिशान तक नहीं

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लगातार बड़ती गर्मी के चलते हल्द्वानी में तेज धूप से बचने के लिए छाते का सहारा लेती छात्राएं। सं? - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। अप्रैल माह की शुरुआत में ही झुलसाती गर्मी में लोगों के पसीने छूटने लगे हैं। गर्मी का आलम यह है कि दोपहर के समय लोग सड़कों पर निकलने से बच रहे हैं। लोग जरूरी काम के लिए ही घरों से निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने 12 अप्रैल तक रेड अलर्ट भी घोषित किया है। इधर, शनिवार को हल्द्वानी में तापमान ने नौ साल बाद फिर नया रिकॉर्ड बनाया। बढ़ते तापमान से खेतों में नमी अब सूखे में बदल रही है और फल सब्जियों के लिए संकट पैदा होने लगा है।
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नौ अप्रैल 2013 को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस था। शनिवार को नौ साल बाद तापमान 37.4 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी तीन डिग्री बढ़कर 17 डिग्री सेल्सियस रहा। मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान छह डिग्री बढ़कर 27 और न्यूनतम पांच डिग्री बढ़कर 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
नौ अप्रैल को बीते 12 वर्षों का तापमान
वर्ष तापमान अधिकतम
2022 - 37.4
2021 - 36
2020 - 35
2019 - 32
2018 - 27.8
2017 - 35.2
2016 - 36
2015 - 32
2014 - 33
2013 - 37
2012 - 35.2
2011 - 35
2018 में हुई थी 10.8 एमएम बारिश
हल्द्वानी। अप्रैल माह में बारिश की बात करें तो नौ अप्रैल 2019 को 3.2 और 10 अप्रैल 2018 को 10.8 एमएम बारिश हुई थी। इससे पहले 13 अप्रैल 2018 को 3.4 और 11 अप्रैल 2012 को 4.5 एमएम बारिश हुई। हालांकि खेती के लिए यह बारिश काफी कम थी लेकिन इस बार तापमान बढ़ने से बारिश की आवश्यकता बढ़ गई है। उद्यान अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि अगर कुछ दिनों में पानी नहीं बरसा तो फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
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