मूनाकोट (पिथौरागढ़)। बड़ालू की निकिता चंद ने दुबई में हुई एशियन जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत लिया है। पदक जीतने क के बाद गांव खूशी का माहौल है।
निकिता के परिवार में बधाई देने के लिये गांव में ताता लगा है। उन्होंने हरियाणा में हुई राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के 60 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण जीता था। प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन एशियन जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए हुआ।
रविवार रात आठ बजे दुबई में शुरु हुई प्रतियोगिता में निकिता ने पदक जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कजाकिस्तान की प्रतिद्वंद्वी 5-0 से हराकर निकिता ने स्वर्ण पदक जीता। टूर्नामेंट में एशिया के 18 देशों ने हिस्सा लिया।
बड़ालू निवासी निकिता के पिता सुरेश चंद किसान और माता दीपा चंद गृहणी हैं। निकिता इस समय पीएनएफ पब्लिक स्कूल पिथौरागढ़ से शिक्षा ले रही हैं। सोनीपत में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद राज्य सरकार ने आठ हजार रुपये का पुरस्कार 15 अगस्त के दिन डीएम डॉ. आशीष चौहान ने देव सिंह ग्राउंड में निकिता के पिता को दिया।
निकिता को ट्रेनिंग बॉक्सिंग कोच बिजेंद्र मल्ल ने दी है। उनकी इस उपलब्धि पर कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रदीप पाल, ग्राम प्रधान दिवाकर जोशी, पूर्व प्रधान नवीन जोशी, अनिल चंद, हरीश जोशी, संतोष चंद आदि ने बधाई दी है।
निकिता के घर पर मनाया परिजनों ने जश्न
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। सीमांत के बड़ालू गांव की बेटी निकिता ने एशियन बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के लोग पिता सुरेश चंद और माता दीपा चंद को बधाई देने के लिए आ रहे हैं। किसान परिवार में जन्मी निकिता का परिवार बेहद गरीबी में जीवन जीता है। खेती बाड़ी और बकरियां पालने वाले परिवार के लोग उसकी इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा पा रहे है।
रविवार रात जैसे ही निकिता के परिजनों को स्वर्ण पदक मिलने की सूचना मिली तो माता पिता की खुशियां कई गुना बढ़ गई। सोमवार सुबह से ही लोग मिठाई लेकर बधाई देने आ रहे है। निकिता की बहन खुशी और नीरज भी अपनी दीदी की तरह जिले और राज्य का नाम रोशन करना चाहते हैं। निकिता के ताऊजी दीपक चंद, पुष्पा चंद, पांजल, पार्वती देवी, यतेंद्र चंद भी इस उपलब्धि से खुश हैं।
कई बार हारी लेकिन हिम्मत नहीं हारी
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूल रुप से बड़ालू के किसान परिवार की निकिता का जन्म 20 दिसंबर 2006 को पिथौरागढ़ में हुआ। कक्षा तीन तक की शिक्षा बड़ालू प्राइमरी स्कूल से प्राप्त करने के बाद खेलों में ज्यादा रुचि लेने के कारण उनके फूफा बिजेंद्र मल्ल निकिता को पिथौरागढ़ ले आए। सेना के खिलाड़ी और सेवानिवृत्त कोच मल्ल के यहां रहकर निकिता ने कक्षा 4 से 10 तक की शिक्षा पीएनएफ स्कूल से की।
फूफा कोच बिजेंद्र ने उन्हें चार-चार घंटे तक कड़ा प्रशिक्षण दिया। वर्ष 2016 में उसने पहली बार स्पोर्टस स्टेडियम पिथौरागढ़ में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वर्ष 2016 में मिनी स्टेट कोटद्वार, जिला स्तरीय टूर्नामेंट पिथौरागढ़ और बंगापानी के साथ ही 2017 और 2018 में तमाम प्रतियोगिताओं में उसे हार का सामना करना पड़ा, लेकिन हारते रहने के साथ वह जीतने का जुनून भी मन में पालती रही। 2018 में 13 साल की उम्र में वह पहली बार सब जूनियर स्टेट में चैंपियन बनी। 2019 फिर से स्टेट चैंपियन, अंडर 17 में भी स्वर्ण पदक जीता।
2019 में नेशनल खेलने में पहला कांस्य पदक मिला। गुवाहाटी में खेलो इंडिया यूथ गम्स में भारत के टॉप 12 खिलाड़ियों में निकिता का चयन हुआ। गुवाहाटी में हुई प्रतियोगिता में निकिता फिर से हार गई। 2020 में अल्मोड़ा में हुई राज्य स्तरीय सब जूनियर प्रतियोगिता और 2021 में हरियाणा के सोनीपत में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। सोनीपत में पदक जीतने के बाद उनका चयन दुबई में होने वाली एशियन जूनियर बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए हुआ।