लाल बहादुर शास्त्रीय राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनए) में फर्जी आईडी से एक महिला द्वारा एसडीएम बनकर जासूसी करने के मामले में राज्यपाल ने जहां इसकी उच्चस्तरीय जांच की बात कही। वहीं, निदेशक का कहना है कि एटीआई किसी तरह की आईडी जारी नहीं करता है।
बता दें कि राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में छह माह तक फर्जी एसडीएम बनकर जासूसी करने का मामला गरमाया हुआ है। बताया जाता है कि सितंबर 2014 में कुतबी गांव मुजफ्फरनगर निवासी रूबी चौधरी पुत्री सत्यवीर सिंह अकादमी में दाखिल हुई। गार्ड रूम में रहने वाली महिला कैंपस के हर स्थान पर बेरोकटोक आती जाती थी। मामले के खुलासे के बाद से खलबली मची हुई है।
मसूरी एटीआई में रहने के दौरान आरोपी महिला की ओर से दिखाए गए पहचान पत्र के नैनीताल एटीआई से बने होेने के कारण यहां एटीआई में भी इसकी चर्चा थी। मंडलायुक्त और एटीआई निदेशक अवनेंद्र सिंह नयाल ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से हुई है। मामले में एटीआई द्वारा जानकारी मांगे जाने पर जांच की जाएगी। वैसे एटीआई में आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण किए जाते हैं।
प्रशिक्षणार्थियों को उस दौरान के प्रमाण पत्र जरूर दिए जाते हैं, लेकिन कोई परिचय जारी नहीं किया जाता। वहीं राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल ने कहा कि मामला काफी गंभीर है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। देहरादून के एसएसपी मामले पर पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।