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प्रदर्शन कर चार घंटे बंद रखा प्रथम गेट

Fri, 03 Apr 2015 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चोरगलिया
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नंधौर कड़ापानी के प्रथम और द्वितीय गेट से निकासी करने वाले पांच ट्रैक्टरों और डंपरों की निकासी बंद करने से गुस्साए ट्रांसपोर्टरों ने करीब चार घंटे तक गेट बंद कर प्रदर्शन किया। बाद में डीएलएम के आश्वासन पर गेट खोले जा सके।
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वन विकास निगम के खनन प्रभारी मदन मोहन लोशाली के आदेश पर बृहस्पतिवार को नंधौर कड़ापानी के प्रथम गेट के एक डंपर और दो ट्रैक्टर तथा कड़ापानी द्वितीय गेट के एक ट्रैक्टर व एक डंपर की निकासी बंद कर दी गई। गुस्साए खनन ट्रांसपोर्टरों ने खनन प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ापानी प्रथम गेट को बंद करा दिया। करीब चार घंटे तक ट्रांसपोर्टरों ने वाहनों की निकासी बंद रखी।

बाद में डीएलएम दिवाकर बिष्ट के आश्वासन पर गेटों से निकासी शुरू हो सकी। वहीं खनन प्रभारी मदन मोहन लोशाली ट्रांसपोर्टरों के आक्रोश को देखते हुए मौके से निकल गए थे। डीएलएम वन विकास निगम ने बताया कि आगे से निकासी बंद होने की सूचना पूर्व में दे दी जाएगी। इधर, ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि जिन पांच वाहनों की निकासी बंद की गई, वह करीब तीन महीने पहले अवैध खनन में पकड़े गए थे। तब उनके स्वामियों ने वन विकास निगम को जुर्माना भी अदा कर दिया था। अब बृहस्पतिवार को बिना कोई कारण बताए उनके वाहनों की निकासी बंद कर दी गई जो कि गलत है। इधर, इस संबंध में जब खनन प्रभारी से फोन पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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सांठगांठ कर हो रहा खनन का ‘खेल’
नंधौर खनन निकासी गेटों से अवैध निकासी रुकने का नाम नहीं ले रही है। नंधौर के चारों निकासी गेटों से रोजाना हजारों गाड़ियां उपखनिज लेकर निकलती हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ ट्रैक्टर और डंपर स्वामी गेट पर बैठे कंप्यूटर आपरेटरों से सांठगांठ कर रायल्टी में तो उपखनिज का भार करीब 135 क्विंटल पास करा लेते हैं, लेकिन असल में वाहनों में करीब 170 से 180 क्विंटल तक उपखनिज ले जाते हैं। ऐसे में जब यह वाहन क्रशर में पहुंचते हैं तो वहां वजन 170 से 180 क्विंटल के हिसाब से पैसे लेते हैं। इससे वाहन स्वामी तो मोटी कमाई कर लेता है, लेकिन निगम को तगड़ा चूना लगता है। ये सिलसिला बेधड़क रोज चल रहा है। वन निगम भी इस पर लगाम नहीं लगा पा रहा है।
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