नैनीताल। शनिवार को तेज बारिश भले ही न हो मगर जिले के 12 मोटर मार्ग अब तक नहीं खुल सके हैं। बारिश की वजह से नैनीताल-भवाली मोटर मार्ग में टूटा पहाड़ के पास मलबा आने का क्रम जारी है हालांकि वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं हुई है। दोपहर बाद जेसीबी की मदद से मलबे को साफ किया गया।
जोशीखोला-हल्द्वयानी, बिनकोट- चडियूला, देवीपूरा -सौड़, बानना मोटर मार्ग, भौर्सा-पिनरो, हरतपा-हली, सिमलिया बैंड-साननी, टकुरा-थराड़ी, चमोली-बडौन, छिडाखान-अमजड़, बबियाड-दुदली और पदमपुरी-हैड़ाखान आदि मार्ग अब तक नहीं खुल सके हैं। बारिश से नैनी झील का जलस्तर तीन फुट पहुंच चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रताप सिंह बिष्ट ने बताया कि अधिकतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गरमपानी(नैनीताल)। भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर खैरना से काकड़ीघाट के बीच वाहनों की आवाजाही मौसम के मिजाज पर निर्भर है। यदि रविवार को मौसम साफ रहा तो इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जाएगी और यदि मौसम खराब रहा तो एनएच से अल्मोड़ा की ओर जाने वाले वाहन पहले की तरह वाया रामगढ़ क्वारब होते हुए गुजरेंगे।
कोश्या कुटौली के उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने शनिवार को भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण कर यह जानकारी दी। बता दें कि खैरना से काकड़ीघाट तक सड़क चौड़ीकरण के चलते भारी भरकम मशीनों से पहाड़ियों का कटान किया गया है। इसके चलते बरसात में उक्त पहाड़ियों से रुक रुककर पत्थर गिर रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एनएच पर यातायात प्रतिबंधित किया है।
शुक्रवार को एनएच पर यातायात सुचारु कराना था लेकिन मौसम खराब होने के कारण ऐसा संभव नहीं हुआ। शनिवार को एसडीएम प्रमोद कुमार ने खैरना से काकड़ीघाट तक एनएच का निरीक्षण कर बताया कि रविवार सुबह मौसम साफ रहने पर एनएच को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
गरमपानी (नैनीताल)। बीते दिनों हुई बरसात के चलते बेतालघाट ब्लाक में स्थित शहीद बलवंत सिंह मार्ग पर जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने से वाहनों की आवाजाही ठप है। कई स्थानों पर इतना अधिक मलबा गिरा है कि पूरी सड़क ही मलबे से पटी नजर आ रही है। सड़क से मलबा हटाने के लिए लोनिवि ने दो जेसीबी को लगाया है। उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि रविवार शाम तक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है।