नैनीताल। पर्यटक सीजन के दौरान जून में नैनीताल स्थित चिड़ियाघर में 40 हजार से ज्यादा सैलानी पहुंचे। चिड़ियाघर में बाघ और तेंदुए सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। सीजन के दौरान बाघ और तेंदुओं के बाड़े के आगे ही सैलानियों की सबसे अधिक भीड़ नजर आई।
जीबी पंत उच्च प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां बाघ, तेंदुए, भालू, रेड पांडा, सांभर, लोमड़ी और घुरड़ समेत वन्यजीवों की कुल 207 प्रजातियां हैं। यहां साल भर तक वन्य जीवों को देखने के लिए सैलानियों का तांता लगा रहता है। पर्यटन सीजन के दौरान रोजाना एक हजार से ज्यादा सैलानियों ने यहां पहुंचकर वन्य जीवों का दीदार किया। चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि जून में 43 हजार 708 सैलानी चिड़ियाघर पहुंचे। अन्य दिनों की अपेक्षा रविवार को चिड़ियाघर पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या दो हजार तक रही है।
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बेताल, शिखा, रानी, सोना और मोना बने आकर्षण का केंद्र
नैनीताल। नैनीताल चिड़ियाघर में पशु-पक्षियों समेत वन्य जीवों की 207 प्रजातियां मौजूद हैं। यहां मौजूद हर एक पशु पक्षी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है लेकिन चिड़ियाघर में मौजूद बाघ (बेताल, शिखा, रानी) और तेंदुए (सोना, मोना) को देखने के लिए पर्यटकों का तांता लगा रहता है। बाघ व तेंदुओं की झलक पाकर सैलानियों के चेहरे खिल जाते हैं। वहीं उनकी तस्वीर लेने के लिए सैलानी उनके बाड़ों के बाहर इंतजार करते हैं। वहीं जब बाघ व तेंदुए अपना नाम सुन लोगों की ओर देखते हैं तो सैलानी रोंमाचित हो उठते हैं। वहीं सात रेड पांडा व चार हिमालयन भालुओं की अटखेलियां भी सैलानियों को उत्साहित करती हैं। अब चिड़ियाघर में हिमालयन थार और मारखोर लाने की भी कवायद की जा रही है।
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कोट-
- पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में सैलानी चिड़ियाघर आए। वन्य जीवों का व्यवहार भी सामान्य बना हुआ है। गर्मी के चलते वन्य जीवों को सामान्य डाइट दी जा रही है। सभी वन्य जीव स्वस्थ हैं।
-डॉ. हिमांशु पांगती, पशु चिकित्सक चिड़ियाघर, नैनीताल।
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