शक्तिफार्म। केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री एवं अखिल भारतीय मतुआ महासंघ के संघ अधिपति शांतनु ठाकुर ने कहा कि हरिचांद गुरुचांद के जीवन चरित्र के पाठ से नैतिक शिक्षा मिल सकती है। इस दौरान मुख्य अतिथि शांतनु ठाकुर का स्वागत किया गया।
बुधवार को गुरुग्राम गांव में मतुआ धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने सैकड़ों लोगों को माला पहनाकर मतुआ समुदाय में शामिल किया। ठाकुर ने कहा कि हरिचांद गुरुचांद के जीवन चरित्र का पाठ करके मनुष्य नैतिक शिक्षा प्राप्त कर सकता है। नैतिक मूल्य हमें अपने जीवन का नेतृत्व करने के लिए सही रास्ते पर ले जाते हैं और उच्च विचार वाले व्यक्ति का निर्माण करने व धार्मिकता के मार्ग पर चलने में मदद करते हैं। कोई सही और पुण्य चरित्र तभी बन सकता है, जब वह पूरी ईमानदारी के साथ नैतिक मूल्यों का पालन करने में सक्षम हो।
विशिष्ट अतिथि ऑल इंडिया मतुआ महासंघ के संपादक तन्मय विश्वास ने कहा कि पश्चिम बंगाल से बाहर रह रहे मतुआ समुदाय के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा का अधिकार तो मिला लेकिन उनको अनुसूचित जाति की सूची में दर्जा नहीं दिया गया। न ही उनको भूमि के पट्टे दिए गए। इसके लिए क्षेत्र के सभी बंगालियों को संगठित होने की जरूरत है।
इस मौके पर डीसीबी चेयरमैन गोपाल सिंह रावत, रामचंद्र राय, रविंद्र सिंह, रविंद्र विश्वास, कार्तिक राय, माखन मंडल, नरेश विश्वास, श्रीनाथ विश्वास आदि मौजूद थे।
ऑल इंडिया मतुआ महासंघ उत्तराखंड कमेटी का गठन
सितारगंज। ऑल इंडिया मतुआ महासंघ उत्तराखंड राज्य कमेटी का गठन किया गया। इसमें सुधांशु शिकदार को अध्यक्ष, पंकज शिकदार को उपाध्यक्ष, डॉ. हरीश दास को सचिव, कमल गोसाई को उप सचिव, गोकुल विश्वास को कोषाध्यक्ष, मणिशंकर चिंतापात्र को एडिटर बनाया गया। साथ ही 300 से अधिक लोगों को सदस्य नामित किया गया।