हल्द्वानी। प्रदेश की सियासत की हर हलचल और राजनीति की बिसात पर नजर रखने वाले मंत्री और उनके पुत्रों के फोन शाम को अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद नहीं उठे। एक मंत्री का फोन तो स्विच आफ था तो दूसरे के फोन पर घंटी बजती रही। मंत्री पुत्र का फोन लगातार इंगेज आ रहा था तो दूसरे का काल डायवर्ट पर लगा था। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले एक व्यक्ति का फोन उठा तो उन्होंने किसी भी राजनीतिक उठापटक की जानकारी होने से ही इंकार कर दिया।
बाजपुर से विधायक और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य के दोनों मोबाइल नंबर बंद हो गए। वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश के फोन पर घंटी जाती रही मगर फोन नहीं उठा। दुग्ध मंत्री हरीश दुर्गापाल का मोबाइल घनघनाया तो निजी सचिव ने उठाया और कह दिया कि मंत्री जी नहीं हैं। मुख्यमंत्री के करीब माने जाने वाले खजान पांडे ने कहा कि सियासी उठापटक की कोई जानकारी नहीं है।
मां के राजनीतिक सलाहकार और हर राजनीतिक गतिविधि पर बारीक नजर रखने वाले मंडी समिति सभापति सुमित हृदयेश और पिता के सहयोगी उत्तराखंड कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष संजीव आर्य का फोन भी नहीं उठा। सुमित का फोन काल डायवर्ट पर था तो संजीव का फोन बराबर इंगेज था।
मीडिया के फोन पर काल बैक करने वाले सुमित और संजीव ने मीडिया से भी दूरी बनाकर रखी और काल बैक कर फोन पर बात नहीं की। दूसरी ओर भाजपा विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि अल्पमत में कांग्रेस सरकार ने सदन में वोटिंग नहीं कराई। भगत ने कहा कि राज्यपाल से मिलकर सरकार के अल्पमत में आने की जानकारी देंगे।