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हाइवे के गड्ढों में मंत्री जी का पैचवर्क

Tue, 02 Aug 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हल्द्वानी।
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एनएच का हाल - फोटो : अमर उजाला
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सड़कें किसी भी क्षेत्र या शहर के विकास का आइना होती हैं। हल्द्वानी और लालकुआं विधानसभा क्षेत्र की सड़कों से आंख बंद करके बखूबी विकास के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। नेशनल हाइवे होने के बाद भी बरेली रोड की हालत गौला के रौखड़ से बदतर है।
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हल्द्वानी विधानसभा खत्म होते ही मंडी गेट से लालकुआं विधानसभा में हाइवे में अनगिनत गड्ढों से स्वागत होता है। गड्ढों में पैच वर्क के लिए मंत्री से लेकर अफसर सिर्फ हवाई बयानबाजी कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। गड्ढे हर रोज दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। 


रामपुर से लेकर काठगोदाम तक नेशनल हाइवे में कुछ महीने पहले ही डामरीकरण हुआ। हाइवे रुद्रपुर से वाया पंतनगर होते हुए लालकुआं से बरेली रोड तीनपानी तक है। तीनपानी से गौलापार बाइपास होते हुए काठगोदाम में मिला है। डामरीकरण में करोड़ों रुपये खर्च हुए हैं। लेकिन, सड़क निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब रही कि बरसात का एक सीजन तक नहीं झेल पाई है। आधे सीजन में ही हाइवे पूरी तरह उधड़ गया है।
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मंडी धानमिल से लेकर लालकुआं विधानसभा के आखिरी छोर तक प्रमुख चौराहों पर काफी चौड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के पानी से गड्ढे भरे हैं। गड्ढों से अक्सर दुर्घटनाएं और वाहनों को नुकसान हो रहा है। सड़कों के गड्ढों से बीच बचाव कर वाहन भी फुटपाथ और कच्चे में चलते हैं। 

लालकुआं के विधायक हरीश चंद्र दुर्गापाल कैबिनेट मंत्री हैं। चुनावी साल होने से उनका फोकस सिर्फ बिंदुखत्ता और विधानसभा की आंतरिक सड़कों और सीसी मार्ग के निर्माण पर है। इसमें भी क्षेत्र विशेष शामिल है। बाकी हाइवे के गड्ढों के पैच वर्क के लिए कैबिनेट मंत्री दुगार्पाल बयानबाजी तक सीमित हैं।

पिछले सप्ताह ही कैबिनेट मंत्री ने संबंधित विभागों के अफसरों से हाइवे के गड्ढे नहीं भरने पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अफसरों ने कैबिनेट मंत्री के आदेश एक कान से सुनकर हमेशा की तरह दूसरे कान से निकाल दिए और हाइवे की हालत जस की तय बनी है। 

मंडी से काठगोदाम तक शानदार सड़क 
मंडी से लेकर काठगोदाम तक शानदार सड़क तैयार हो चुकी है। यह सड़क पहले नेशनल हाइवे के अधीन थी। फोरलेन योजना के अंतर्गत सड़क एनएचएआई को ट्रांसफर हो गई। सड़क की जर्जर हालत होने पर देखरेख के लिए मंडी से लेकर काठगोदाम तक करीब आठ किमी सड़क को लोनिवि को सौंप दी गई। स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश के दबाव में लोनिवि सड़क को दुरुस्त रखता है। 
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