डोन परेवा गांव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद दीवान सिंह बिष्ट की 69वीं पुण्यतिथि पर पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वाधीनता संग्राम में कुमाऊं की धरती के योगदान को अविस्मरणीय बताया।
मुख्यमंत्री ने डोन परेवा में शहीद दीवान सिंह का भव्य स्मारक बनाने का ऐलान किया है। इससे पूर्व जीआईसी डोन परेवा में शहीद दीवान सिंह बिष्ट की प्रतिमा पर सीएम ने माल्यार्पण किया।
दीवान सिंह बिष्ट ने 29 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए शहादत दी थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में उत्तराखंड के वीरों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था।
कुमाऊं के देघाट, डोन परेवा, सल्ट, खुमाड़, जैती, सालम में आज भी शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश और उत्तराखंड के विकास के जो सपने देखे थे, उन्हें साकार करने के लिए वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के कोने-कोने तक विकास की किरण पहुंचे। उनका आर्थिक विकास हो। लोग स्वावलंबी बने और पहाड़ से पलायन रुके। सरकार विकास की नई-नई योजनाएं चला रही है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं का विकास शिक्षा, खेती, दस्तकारी और हस्तशिल्प के माध्यम से हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द तैनाती कर दी जाएगी।
अस्पतालों में डाक्टरों की जल्द तैनाती के भी प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार हस्तशिल्प को जीवित करने की दिशा में काम कर रही है।
हमारे परंपरागत हस्तशिल्प और कुटीर उद्योग विलुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार मिले। लोग हस्तशिल्प से जुडे़।
इसलिए प्रदेश सरकार हस्तशिल्पियों, कलाकारों, धार्मिक अनुष्ठान कराने वालों लोगों को आर्थिक विकास के लिए पेंशन दे रही है। मंडुवा, चौलाई, झिंगौरा आदि को भी व्यवसाय से जोड़ा जा रहा है।
प्रदेश में फल-फूल, माल्टा के विपणन की व्यवस्था भी प्रदेश सरकार कर रही है। प्रदेश सरकार 2016 को महिला सशक्तिकरण और वृद्ध सम्मान दिवस के रूप में मनाएगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए मेरे बुजुर्ग, मेरे तीर्थ योजना के अंर्तगत प्रदेश के पांच हजार बुजुर्गों को चार धाम यात्रा के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों की नि:शुल्क यात्राएं कराई जा रही है।
उन्होनें कहा कि हम सब को साथ लेकर विकास करने की परंपरा में विश्वास रखते हैं। इससे पूर्व विधायक सरिता आर्या ने बुके देकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने ओखलढुंगा में जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण, तल्ली सेठी-बेतालघाट का विस्तारीकरण एवं डामरीकरण, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सौड़ का उच्चीकरण, कांडा-फफडिया मार्ग निर्माण, मलौन-सिमली मार्ग का डामरीकरण, ओखलढुंगा-डॉन-मल्ली स्वेरी मार्ग निर्माण, नैनीताल शहर के अतिरिक्त मार्गों की मरम्मत, जीआईसी पाटकोट फर्नीचर खरीदे जाने के लिए दो लाख, नवोदय विद्यालय कोटाबाग स्यात में बैडमिंटन कोर्ट निर्माण, जीआईसी डोन के खेल मैदान का विस्तारीकरण, शहीद दीवान सिंह बिष्ट की भव्य प्रतिमा एवं स्मारक का निर्माण एवं सुंदरीकरण का कार्य मनरेगा और डीएम द्वारा दी जाने वाली राशि से, डोन में एलोपैथिक डिस्पेंसरी और घुंघुुसिगडी में आईटीआई खोले जाने की घोषणाएं की।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, सतीश नैनवाल, अध्यक्ष आपदा प्रबंधन
प्रयागदत्त भट्ट, सिंचाई सलाहकार समिति उपाध्यक्ष पुष्कर दुर्गापाल, महेश
शर्मा, कार्यक्रम संयोजक गोपाल दत्त तिवारी, केदार पलड़िया, तारा नेगी, दीप
सती, आशा बिष्ट, शेर सिंह बिष्ट, युसूफ, सुरेंद्र सिंह नेगी, हीरा सिंह
नेगी, कांता बल्लभ, आरसी बिष्ट, विपिन भट्ट, सरिता भट्ट, योगेश भट्ट, लीला
देवी, सावित्री देवी, ललित तिवारी, बालम सिंह बिष्ट, चंदन राम, दुर्गादत्त
कांडपाल, कमल जोशी, हेम चंद्र नैनवाल, मदन बिष्ट, हीरा सिंह, शिशुपाल रावत,
भारती बिष्ट, नवीन तिवारी, हाजी अकरम, आनंद रावत, अंकित गोयल, हेम भट्ट,
नवीन नैनवाल, डीएम दीपक रावत, एसएसपी सेंथिल अबुदई, सीडीओ ललित मोहन रयाल,
अपर जिलाधिकारी आरडी पालीवाल आदि मौजूद थे।