नैनीताल। मंडलायुक्त दीपक रावत ने कुमाऊं मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलों में वनाग्नि की रोकथाम और ऐसी किसी भी घटना की त्वरित जानकारी के लिए ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करें। उन्होंने कहा कि इससे वनाग्नि की सूचना मिलने के साथ ही नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।
बुधवार को आयुक्त रावत पेयजल किल्लत और वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे। बैठक के दौरान वनाग्नि की घटनाओं और रोकथाम के उपायों पर चर्चा की गई। आयुक्त ने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए भौतिक संसाधन, उपकरण के अलावा मानव संसाधन चिह्नित किए जाएं। वनाग्नि की रोकथाम के लिए जनसामान्य को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों तक कंट्रोल रूम का नंबर भी प्रसारित किया जाए, ताकि वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी समय पर मिल सके। उन्होंने विद्युत विभाग को पेड़ों की लॉपिंग करने, वन विभाग को प्रत्येक वनाग्नि की घटना की रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि गर्मी के मौसम में कहीं भी पानी की किल्लत न हो, इसके लिए पर्याप्त संख्या में टैंकरों की व्यवस्था की जाए। अवैध रूप से चल रहे पेयजल कनेक्शनों पर कार्रवाई करें। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जिले में जलसंस्थान ने 18 कंट्रोल रूम बनाए हैं जो कि चौबीसों घंटे संचालित रहेंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एसएसपी पंकज भट्ट, अपर आयुक्त प्रकाश चंद्र, एसडीएम अशोक जोशी, जलसंस्थान के एसई विशाल सक्सेना, एसडीएम रेखा कोहली, गौरव चटवाल, योगेश मेहरा, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीओ तराई पूर्वी डिवीजन डीएस मर्तोलिया के अलावा जलसंस्थान, जलनिगम, वन निगम के अधिकारी मौजूद थे।