हल्द्वानी। इबोला वायरस समेत संक्रमण संबंधी बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेजों और संबद्ध अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी है। सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज में संभावित संक्रमण से निपटने के लिए क्लीनिकल विभाग, माइक्रोबायोलॉजी लैब और अन्य प्रयोगशालाओं को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के तहत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और लैब टेक्नीशियनों का सेंसिटाइजेशन कराया जाएगा। संदिग्ध मरीजों की पहचान, संक्रमण नियंत्रण, सैंपल कलेक्शन और उपचार प्रोटोकॉल के लिए विशेष प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है। अस्पताल में हैंड हाइजीन, मास्क उपयोग और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया है।
आरटीपीसीआर और वायरोलॉजी लैब अलर्ट पर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार किसी भी संदिग्ध संक्रमण की स्थिति में सैंपल जांच तेजी से हो सके, इसके लिए लैब को आरटीपीसीआर और वायरोलॉजी लैब अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम और वैश्विक स्तर पर सामने आने वाले संक्रमणों को देखते हुए लैब की सक्रियता बेहद जरूरी है।
अभी इबोला संक्रमण का कोई मामला यहां नहीं है। यदि कोई केस मिला तो संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इमरजेंसी, मेडिसिन और लैब विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. उमेश, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी