हल्द्वानी। वन विभाग ने आदमखोर बाघ को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके बाद जंगलात ने चंडीगढ़ से एक शिकारी को बुलाया है। छह साल पहले भी वन विभाग ने रामनगर में नरभक्षी बाघिन को मारने का आदेश दिया था।
मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने बाघ को मारने के आदेश दिए हैं। इसके लिए चंडीगढ़ से शिकार अमित दास गुप्ता को बुलाया गया है, उनका एक कर्मचारी शनिवार को पहुंच जाएगा, जबकि शिकारी दास रविवार तक यहां पहुंच सकते हैं।
बता दें कि रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में तीन महीने में छह लोगों की वन्यजीवों के हमले में मौत हो चुकी हैं। इसके बाद से इलाके में दहशत है। इन घटनाओं से लोगों में आक्रोश भी है। वन विभाग ने बाघ को पहले नरभक्षी घोषित कर दिया था, उस समय बाघ को पकड़ने के आदेश हुए थे लेकिन हाल ही में तीन दिन में दो घटनाओं के बाद आखिरकार वन विभाग को बाघ को मारने के आदेश दिए हैं।
वनाधिकारियों के अनुसार कुमाऊं में इससे पूर्व छह साल पहले रामनगर में नरभक्षी बाघिन को मारने के आदेश हुए थे। तब शिकारी काफी प्रयास के बाद नरभक्षी बाघिन को ढेेर कर सके थे। यह ऑपरेशन कई दिनों तक चला था, इसमें ड्रोन, हेलिकॉप्टर आदि संसाधनों की मदद ली गई थी।
गश्त के साथ मचान पर तैनात रहेगी टीम
हल्द्वानी। वन विभाग की टीम गश्त करने के साथ मचान पर तैनात रहेगी। डीएफओ रामनगर चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि बाघ की लोकेशन की कुछ हद तक जानकारी है, इसके हिसाब से एक जगह पर मचान बनाकर पशु चिकित्सक और वन विभाग की टीम तैनात रहेगी। जब तक शिकारी नहीं पहुंचते हैं, तब तक यहां पर टीम बाघ को बेहोश कर पकड़ने की भी कोशिश करेगी।
डब्लूआईआई की टीम से मदद मांगी
हल्द्वानी। वन विभाग की टीम ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून से भी मदद मांगी है। कैमरा ट्रैप में जो फोटो आए हैं, उसकी और पुष्टि के लिए विशेषज्ञ टीम के पास भेजा है। अन्य तरह से भी मदद मांगी है।