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पत्नी के हत्यारे पति को सश्रम आजीवन कारावास और दस हजार रूपये अर्थदंड की सजा

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नैनीताल। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने पत्नी की हत्या का दोषी पाए गए पति को सश्रम आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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22 मई 2019 को भवाली पैदल मार्ग पर हैजरी के पास एक महिला का शव पड़ा मिला था, जिसकी शिनाख्त किरन पत्नी महेंद्र सिंह बिरौड़िया मूल निवासी पूनाकोट पट्टी पेटशाल अल्मोड़ा और हाल निवासी सैनिटोरियम भवाली के रूप में हुई थी। इस मामले में किरन के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट निवासी ग्राम सिरौड़ी भवाली ने 23 मई को भवाली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहिन किरन की शादी पहले करन सिंह मर्तोलिया के साथ हुई थी लेकिन दोनों का तलाक हो गया था। उसके बाद किरन ने महेंद्र सिंह बिरौड़िया से विवाह किया था। मृतका के भाई ने महेंद्र सिंह पर किरन की हत्या का आरोप लगाया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने हत्यारोपी महेंद्र सिंह बिरौड़िया को गिरफ्तार कर लिया था। पांच अप्रैल को इसी न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान महेंद्र पर पत्नी किरन की हत्या का दोष सिद्ध हो गया था। बुधवार को न्यायालय में सजा पर हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि किरन को अभियुक्त जानबूझ कर सुनसान स्थान पर ले गया जहां उसने भयावह तरीके से उसकी हत्या को अंजाम दिया। यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में आता है। उन्होंने न्यायालय से अभियुक्त को मृत्यु दंड देने की मांग की। न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय के रविशंकर उर्फ बाबा विश्वकर्मा बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले का हवाला देते हुए 53 पेज के फैसले में कहा कि यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी में नहीं है। न्यायालय ने अभियुक्त महेंद्र सिंह बिरौड़िया को सश्रम आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। स
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