हल्द्वानी। जिले में तेंदुए हमलावर हैं। जगह-जगह उनका मूवमेंट दिखाई दे रहा है मगर वन विभाग कछुवा गति से चल रहा है। वन विभाग आदमखोर हो चुके तेंदुओं को मुर्गे के मांस से पकड़ने की जुगत में लगा रहा है।
वन विभाग द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए सोनकोट और रानीबाग क्षेत्र में पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुए को पिंजरे तक लाने के लिए उसमें बकरी या कुत्ते को बांधा जाता है लेकिन वन विभाग पिंजरों में चिकन डालकर काम चला रहा है। इसी के चलते तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से दूर है। क़ुछ दिन पूर्व पालम सिटी में देखे गए तेंदुए को पकड़ने के लिए भी वन विभाग ने पिंजरे में चिकन ही डाला था। पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह का कहना है कि तेंदुए के हमलों के बाद काठगोदाम से रानीबाग तक लोगों में दहशत है लेकिन वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। अगर जल्द से जल्द वन विभाग ने तेंदुए को नहीं मारा तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
एक दिन में 18 सूचनाएं फिर भी
पता नहीं लगा सका वन विभाग
हल्द्वानी। जून से ही तेंदुआ रामपुर रोड पालम सिटी से रानीबाग तक अपनी दस्तक दे रहा है लेकिन वन विभाग सिर्फ ट्रैप कैमरों की मदद से सोनकोट में एक बार तेंदुए का मूवमेंट पता कर सका और उसके बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका। जून अंतिम सप्ताह से अब तक तेंदुआ रानीबाग काठगोदाम, शीशमहल, दमुवाढुंगा, पालम सिटी, मानपुर पश्चिम गांव और गौलापार क्षेत्र में लोगों को नजर आया है। कुछ दिन पूर्व एक ही दिन में वन विभाग को तेंदुए देखे जाने की 18 सूचनाएं मिली थी लेकिन वन विभाग कहीं भी तेंदुए का मूवेंट पता नहीं कर सका।
तीन डिवीजन में है तेंदुए का मूवमेंट
हल्द्वानी। आदमखोर बन चुके तेंदुए ने नैनीताल के साथ ही रामनगर और हल्द्वानी डिवीजन में भी दहशत फैलाई है। हालांकि अभी वन विभाग के अधिकारी इस बात को प्रमाणिक नहीं कर रहे हैं कि सोनकोट में महिला को मारने वाले तेंदुए ने ही गौला बैराज में भी महिला को मारा है। गौला बैराज में घटना पर पहुंचे नैनीताल डीएफओ टीआर बीजूलाल का कहना है कि रामनगर, हल्द्वानी और नैनीताल की सीमा पर तेंदुए का मूवमेंट है। इसी के चलते तेंदुए को आदमखोर घोषित किया गया है।
कब-कब हुए तेंदुए के हमले
- 06 जून : तराई पश्चिमी वन प्रभाग के बैलपड़ाव रेंज में तेंदुए ने एक किशोरी को मारा।
- 23 जून को रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में सूनाकोट गांव में तेंदुए ने एक महिला को मारा।
- 06 जुलाई को तेंदुए ने अल्मोड़ा वन प्रभाग के डूंगरी उड़ल गांव में एक किशोरी को मारा।
- 08 जुलाई को तेंदुए ने अल्मोड़ा वन प्रभाग के भैसिंयाछाना में एक बुजुर्ग महिला को मारा।
छह साल पहले वन विभाग की कोशिश फेल हो गई थी
हल्द्वानी। छह साल पहले मनोरा रेंज में एक महिला को तेंदुए ने मार दिया था। पहले वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने लेकर अन्य कई कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं हो मिल सकी। बाद में आदमखोर को ढेर करने के लिए शिकारी बुलाए गए। जब शिकारियों और वन विभाग की टीम आदमखोर की तलाश में निकली थी, तो उसने टीम पर हमला कर दिया। इसके बाद शिकारियों की टीम ने आदमखोर को ढेर कर दिया। 2016 में रामनगर वन प्रभाग में एक बाघिन आदमखोर घोषित की गई, उसे पकड़ने के लिए ड्रोन से लेकर हेलिकाप्टर तक का इस्तेमाल किया गया, यह ऑपरेशन तत्कालीन वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते के निर्देशन में चला था। लंबी कोशिश के बाद ही शिकारियों की टीम बाघिन को ढेर कर सकी थी। वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त, डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि इसी वर्ष इससे पहले पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, अल्मोड़ा और अब नैनीताल में तेंदुए को आदमखोर घोषित किया गया है।
एक महीने में वन्यजीवों के हमले
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में एक महीने में वन्यजीवों के हमले की घटनाएं लगातार हो रही है। छह जून को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत चूनाखान क्षेत्र में तेंदुए के हमले की एक किशोरी की मौत हो गई थी। 17 जून को हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत नंधौर रेंज में हाथी के हमले में बीट वाचर का मौत हो गई। 23 जून को रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत फतेहपुर रेंज(सुनाकोट) में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हो गई। छह जुलाई को तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत गौलापार क्षेत्र में हरथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई।
वन्यजीवों से सुरक्षा से जुड़े कार्यों में और गति लाने के निर्देश
हल्द्वानी। सांसद अजय भट्ट ने वनाधिकारियों को वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए हैं। सांसद ने प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दिलाने के अलावा शेष अन्य आर्थिक सहायता के लिए डीएफओ नैनीताल टीआर बीजू लाल और सीसीएफ व मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते से दूरभाष पर वार्ता की।
वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
- जंगलों में आग न लगाएं इससे वन्य जीवों की भोजन शृंखला नष्ट होती है।
- बचे हुए मांस के टुकड़ों और मृत पशुओं को घर के आसपास न फेंके,पालतू कुत्तों को रात में खुला न छोड़ें।
- वन्य जीवों का शिकार न करें इससे भी मांसाहारी जीव शिकार की तलाश में आबादी की ओर आते हैं।
- रात में अपने घरों के आस-पास प्रकाश की व्यवस्था रखें, बच्चों और मवेशियों को हमेशा निगरानी में रखें।
- घरों के आसपास झाड़ियां न उगने दें इनमें छिपकर अक्सर तेंदुआ हमला कर सकता है।
- जंगलों में जाने पर समूह में जाएं और समय-समय पर शोर मचाते रहें जिसे सुनकर तेंदुआ दूर भागता है।
- जंगल में जाने से बचें और मजबूरी में जाने पर सूर्यास्त से पहले लौटें।
- जंगल में घास काटते समय पीछे की तरफ मुखौटे का प्रयोग करें, तेंदुआ हमेशा पीछे से हमला करता है।
- जंगली जानवर दिखने पर वन विभाग को इन नंबरों 9012268370, 9997260790, 89587485588 पर सूचित करें।