लालकुआं (नैनीताल)। बिंदुखत्ता में एक साइबर कैफे संचालक की लापरवाही के चलते 80 से अधिक युवक भारतीय सेना की भर्ती में शामिल नहीं हो पाएंगे। साइबर कैफे संचालक ने भर्ती पंजीकरण के लिए युवकों से शुल्क तो ले लिया लेकिन पंजीकरण नहीं किया। युवकों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिंदुखत्ता निवासी पीड़ित युवकों ने मंगलवार को कोतवाली प्रभारी योगेश उपाध्याय को तहरीर दी। बताया कि सेना में भर्ती होने के लिए बिंदुखत्ता काररोड स्थित एक साइबर कैफे से आवेदन किए थे, जिन्हें रजिस्टर्ड करने के लिए कैफे मालिक की ओर से 70 रुपये प्रति आवेदन फीस लेकर रजिस्ट्रेशन कराने का आश्वासन दिया था,
लेकिन जब आवेदन की तिथि समाप्त हो गई और उन्होंने नेट पर जांच की तो पता चला कि उनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। इसके बाद युवकों ने साइबर कैफे संचालक से पंजीकरण संबंधी जानकारी मांगी तो कैफे संचालक बहानेबाजी करने लगा, लेकिन मामला तूल पकड़ते देख संचालक ने माफी मांग कर बचने का प्रयास किया।
इधर, आक्रोशित युवकों ने कोतवाली पहुंचकर कोतवाल योगेश उपाध्याय से साइबर कैफे स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। देर शाम तक कोतवाली में मौजूद दोनों पक्षों के बीच वार्ता का दौर चल रहा था।
इधर कोतवाल उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत करने वालों में पवन बिष्ट, सूरज गेड़ा, श्याम सिंह मेहरा, अंकित जीना, कृष्णा बोरा, नरेंद्र सिंह, योगेश कोरंगा, गोविंद नेगी, सचिन तिवारी, हिमांशु शाही, राहुल पांडे, दीपांशु पंडा, पवन धामी, सूरज कन्याल, हिमांशु शर्मा आदि युवक मौजूद थे।