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बीए के आधार पाठ्यक्रम में शामिल हुई संस्कृत

Sat, 20 Aug 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की शुक्रवार को हुई बैठक में छात्र हित में कई अहम फैसले लिए गए। समिति ने स्नातक स्तर पर चतुर्थ सेमेस्टर में पर्यावरण विज्ञान विषय को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही बीए प्रथम सेमेस्टर में आधार पाठ्यक्रम के रूप में हिंदी और अंग्रेजी के साथ संस्कृत भाषा को चुनने का विकल्प भी दे दिया है।
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कुलपति प्रो.एचएस धामी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हुई बैठक में स्नातक स्तर पर वर्ष 2016-17 के पाठ्यक्रम समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। परीक्षा समिति की बैठक के बाद कुलपति प्रो.धामी ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

विशेष परिस्थितियों अथवा एनसीसी, एनएसएस व विश्वविद्यालय की खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले छात्र-छात्राओं को उपस्थिति में दस फीसदी की छूट का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया सेमेस्टर सिस्टम में कुछ खामियों के चलते विद्यार्थियों के परीक्षाफल में देरी हो जाती है। अब इन खामियों को दूर कर लिया गया है।
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कुलपति ने बताया विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पहले और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा प्रणाली में सुधार किया गया है। प्रथम सेमेस्टर में परीक्षार्थी स्वत: प्रमोट हो जाएगा, लेकिन द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा उसे उत्तीर्ण करनी अनिवार्य होगी।

परीक्षार्थी को द्वितीय सेमेस्टर में प्रत्येक विषय के दो विषयों व प्रयोगात्मक परीक्षा में 33 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे। इसके बाद ही उसे तृतीय सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया यही नियम तीसरे, चौथे, पांचवे और छठे सेमेस्टर में भी लागू होंगे।

विद्यार्थियों को पांच साल के भीतर यूजीसी कोर्स पास करना आवश्यक होगा। इसके अलावा परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न पत्र में 20 फीसदी सवाल बहुविकल्पीय, 40 फीसदी लघु उत्तरीय व 40 फीसदी दीर्घ उत्तरीय शामिल किए जाएंगे।

स्नातकोत्तर स्तर पर फारेस्ट्री और भूगर्भ विज्ञान विषय में सीबीसीएस (च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) लागू किया गया है। कुलपति प्रो. धामी ने उम्मीद जताई कि इस प्रणाली से परीक्षा कराने से लेकर परीक्षाफल घोषित करने तक कई सुधार होंगे।

यदि यह प्रणाली कारगर रही तो अगले सत्र में अन्य विषयों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया विश्वविद्यालय के समस्त पाठ्यक्रम यूजीसी के मानकों के अनुरूप ही संचालित किए जाएंगे।

बैठक में कुलसचिव प्रो.डीसी पांडे, परीक्षा नियंत्रक प्रो.रजनीश पांडे, डीएसबी के परिसर निदेशक प्रो.एसपीएस मेहता, प्रो.एमएस मावड़ी, अर्जुन सिंह सिराड़ी, एचआर तिरूआ, प्रो.बीएस बिष्ट, वित्त नियंत्रक अनीता सिंह, राजेंद्र कुमार, विधान चौधरी समेत परीक्षा समिति से जुड़े सदस्य मौजूद थे।
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