हल्द्वानी। जमरानी बांध का डूब क्षेत्र बाघ कॉरिडोर में शामिल नहीं है, इसकी अनापत्ति जल्द मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की आगामी बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड से प्रस्ताव पास होने पर इसे नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड में पेश किया जाएगा। उसके बाद एनओसी जारी की जाएगी।
जमरानी बांध परियोजना इकाई के उप महाप्रबंधक भारत भूषण पांडेय ने बताया कि 2019 में जमरानी परियोजना को इस शर्त पर पर्यावरणीय स्वीकृति मिली थी कि यह क्षेत्र दुधवा लग्गा बाघ कॉरिडोर में शामिल नहीं है। एशियन डेवलेपमेंट बैंक (एडीबी) ने पुराने दस्तावेजों में इस क्षेत्र में बाघ का मूवमेंट होने की बात कहते हुए कैमरा ट्रैप लगाकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। एक महीने तक कैमरा ट्रैप से निगरानी की गई लेकिन यहां कहीं भी बाघ का मूवमेंट नहीं मिला। जमरानी परियोजना इकाई ने नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड से बाघ कॉरिडोर नहीं होने संबंधी अनापत्ति देने को पत्र लिखा लेकिन नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड से एनओसी लेने को कहा। स्टेट बोर्ड से एनओसी मिलने पर प्रस्ताव नेशनल बोर्ड के पास भेजा जाएगा। डीजीएम पांडे ने बताया कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पराग मधुकर धकाते ने बुधवार को वर्चुअल बैठक में जल्द स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को लाने की बात कही है। पांडे ने कहा कि बाघ कॉरिडोर की एनओसी मिलने पर बांध निर्माण के लिए पर्यावरणीय मंजूरी की सभी शर्तें पूरी हो जाएंगी। यह बांध बनने की दिशा में सहायक साबित होगा।
जमरानी: 16 से 30 मई तक एडीबी मिशन के साथ होगी बैठक
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना इकाई के उप महाप्रबंधक भारत भूषण पांडेय ने बताया कि 16 से 30 मई तक एडीबी मिशन के साथ बैठक प्रस्तावित है जिसमें परियोजना में अब तक हुई प्रगति, विस्थापन की स्थिति, बजट आदि पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में एडीबी के अधिकारी वर्चुअल भी जुड़ेंगे। दिल्ली से भी एडीबी के कुछ अधिकारी यहां आएंगे।
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जमरानी परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने टाइगर कारीडोर मैनेजमेंट प्लान बनाने को कहा था। इसको लेकर जमरानी परियोजना अधिकारियों के साथ बैठक में विचार विमर्श हुआ। अब जल्द स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। मंजूरी के बाद प्रस्ताव राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
- पराग मधुकर धकाते, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन