परीक्षा दी लेकिन अंकपत्र में मिले शून्य अंक
आईटीआई: नौ संस्थानों के 254 बच्चों का भविष्य अधर में
अब तक संशोधित नहीं हुए अंकपत्र
कैलाश पाठक
हल्द्वानी। कोविड काल में जहां तमाम संस्थान कर्मचारियों, अधिकारियों, छात्रों और आम लोगों को हर स्तर पर राहत देने का काम कर रहे हैं वहीं प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में अध्ययनरत छात्रों को मुश्किल में डाला है। पहले छात्रों के शुल्क में नौ गुना तक वृद्धि कर दी गई और अब नैनीताल जिले के नौ आईटीआई के 2018-20 बैच के 254 छात्रों की परीक्षा लेने के बावजूद शून्य अंक दर्शाकर उन्हें अंक सूची दी गई है। 13 सितंबर से पूरक परीक्षा भी होनी है। जिन छात्रों के अंक शून्य दर्शाए गए हैं वे पूरक परीक्षा देंगे या नहीं, इस पर भी असमंजस बना है। अपनी दुविधा दूर करने के लिए छात्र आईटीआई के चक्कर काट रहे हैं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 2018-20 के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की नवंबर 2020 में ऑनलाइन स्वकेंद्र परीक्षा कराई गई। इसमें नैनीताल जिले के 11 आईटीआई शामिल थे। परीक्षा डायरेक्टर जनरल ट्रेनिंग नई दिल्ली की ओर से आयोजित कराई गई। डायरेक्टर जनरल ट्रेनिंग ने किसी प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से परीक्षा संपन्न कराई। आईटीआई और निदेशालय स्तर के बच्चों की अंकतालिका डायरेक्टर जनरल ट्रेनिंग को ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई। जो परीक्षा परिणाम जारी हुआ है उसमें जिले के नौ आईटीआई के इंजीनियरिंग, ड्राइंग, प्रैक्टिकल, इलेक्ट्रानिक्स, इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, वेंडर, फिटर ट्रेड के 254 छात्रों के अंक शून्य दर्शाए गए हैं। सिर्फ युवक आईटीआई हल्द्वानी और जॉब आईटीआई पीलीकोठी हल्द्वानी के बच्चों के ही पूर्ण अंकपत्र आए हैं। रामनगर आईटीआई के बच्चों के भी अंकपत्र संशोधित होने की बात कही जा रही है लेकिन इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की। ढोकाने आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य विनोद कर्नाटक, मालधनचौड़ आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य कुलदीप पांथरी, पाइंस आईटीआई के प्रभारी प्रधानाचार्य राजेश राजपूत ने बताया कि वे कई बार निदेशालय को इस संबंध में पत्राचार कर चुके हैं। अब परीक्षा नजदीक है, छात्र रोजाना आईटीआई के चक्कर काट रहे हैं। हमारे लिए मुश्किल है कि बच्चों को परीक्षा में किस आधार पर बैठाएं। निदेशालय से भी कोई दिशा निर्देश नहीं दिए जा रहे हैं।
इन आईटीआई के 254 बच्चों के अंक दिखाए गए हैं शून्य
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ढोकाने, टांडी, बेतालघाट, बिंदुखत्ता, भवाली, पाइंस, मालधनचौड़, सर्वोदय, रामनगर।
कोट
ऑनलाइन परीक्षा कराई गई थी। सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी से ऐसा हुआ है। निदेशालय स्तर से डायरेक्टर जनरल ट्रेनिंग दिल्ली को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। प्रधानाचार्यों के पास ऑनलाइन परीक्षा के डाटा उपलब्ध हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। वह अपने स्तर से ऑनलाइन अनुरोध कर अंकपत्र संशोधित करा सकते हैं। निदेशालय को भी अवगत कराएंगे तो अंक सूची संशोधित करा दी जाएगी। - राजेंद्र सिंह मर्तोलिया, सहायक निदेशक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, हल्द्वानी।