नैनीताल। हाईकोर्ट ने फुटहिल क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निदेश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जुलाई की तिथि नियत की है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून की समाजसेवी रीनू पॉल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि फुटहिल क्षेत्रों पर अनियंत्रित निर्माण हो रहे हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को देहरादून के राजपुर क्षेत्र के अतिरिक्त, मालदेवता, स्वांग नदी, टौंस नदी, बाल्दी नदी जैसे क्षेत्रों में भी फुटहिल पॉलिसियों के विपरीत हुए निर्माणों की रिपोर्ट पेश करने की अनुमति दी है। पूर्व में याचिकाकर्ता की ओर से मालदेवता में हुए भूस्खलन की जानकारी कोर्ट को दी गई थी।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण और नगर आयुक्त देहरादून से संयुक्त सर्वे करवाया था, जिसमें केवल राजपुर क्षेत्र में ही 14 जगह गलत निर्माण की बात सामने आई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिजय नेगी ने कहा है कि अगली तारीख में वह सभी फुटहिल के वास्तविक रूप को न्यायालय के समक्ष रखने का प्रयास करेंगे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सभी जगहों के फोटोग्राफ और आख्या कोर्ट में पेश करने की अनुमति प्रदान की है।
दिल्ली देहरादून हाईवे के लिए राजाजी में साल के हजारों पेड़ों के कटान को हाईकोर्ट में चुनौती
नैनीताल। रीनू पॉल की एक अन्य याचिका में कहा कि राजाजी नेशनल पार्क स्थित मोहंड क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून हाईवे के चौड़ीकरण के चलते 2500 पेड़ जिनमें अधिकांश साल के पेड़ हैं, उनकी कटाई की जा रही है। मोहंड क्षेत्र राजाजी नेशनल पार्क की ही परिधि में नहीं बल्कि शिवालिक क्षेत्र के भूभाग में आता है, जो पर्यावरण के दृष्टिकोण से विशेष क्षेत्र है और यही से पानी का रिचार्ज भी पूरी दून घाटी में होता है। कहा कि वृक्षों का कटान पूरी दून घाटी के पर्यावरण क्षेत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिजय नेगी ने कोर्ट से पेड़ों के कटान को स्थगित करने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने मामले में भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार का पक्ष पहले जानना जरूरी समझा है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं राज्य जैव विविधता बोर्ड से अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 जुलाई को नियत की है।