तहसीलदार कुलदीप पांडे ने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी की ओर से लईकुर्रहमान पुत्र रहमतुर्रहमान निवासी गूलरघट्टी के आय प्रमाणपत्र की जांच कराई गई तो पता चला कि जिस नंबर से यह आय प्रमाणपत्र जारी हुआ, वह नवंबर-2024 में ऊधमसिंह नगर में किसी अन्य युवक के नाम पर जारी हुआ है। इसके अतिरिक्त मई 2024 में भी खताड़ी के फैजान पुत्र सगीर अहमद के आय प्रमाणपत्र की जांच की गई। इस नंबर का आय प्रमाण पत्र उत्तरकाशी से किसी अन्य युवक के नाम पर जारी हुआ था।
इन दोनों आय प्रमाणपत्रों पर तहसीलदार रामनगर के डिजिटल साइन थे। इन दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज करने के लिए रामनगर कोतवाली में तहरीर दी गई है। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नंदा गौरा योजना में दिए जाते हैं 11 हजार रुपये
बता दें कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटी पैदा होने पर 11 हजार रुपये दिए जाते हैं। साथ ही बेटी के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिया जाता है।