कुमाऊं मंडल के पर्वतीय जिलों में बाघ व तेंदुओं के साथ-साथ भालू के हमले की घटनाओं में भी लगातार इजाफा हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में वन्य जीवों के हमलों की अलग-अलग घटनाओं मेें कई लोगों को असमय मौत का सामना करना पड़ा है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वन्य जीवों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार मुआवजा राशि देने तक ही सीमित है।
वन्य जीवों के हमलों की कुछ प्रमुख घटनाएं
बाघ के हमले-
- 10 दिसंबर 2023 को बाघ के हमले में भीमताल ब्लॉक पिनरों के तोक डोब गांव में पुष्पा देवी की मौत।
- वर्ष 2023 में भीमताल के मलुवाताल कसाइल में बाघ के हमले में इंद्रा देवी की मौत।
- वर्ष 2023 में भीमताल के अलचौना ताड़ा तोक में बाघ के हमले में निकिता शर्मा की मौत।
- वर्ष 2024 में नौकुचियाताल के शिलौटी में बाघ के हमले में लीला देवी की मौत।
- वर्ष 2025 में बेतालघाट के ओखलढूंगा में बाघ के हमले में शांति देवी की मौत।
- 27 दिसंबर 2025 को धारी ब्लॉक के ग्राम पंचायत दीनी तल्ली के तोक धूरा में हेमा देवी की मौत।
- 30 दिसंबर को ओखलकांडा के ग्राम पंचायत चमोली में वन्य जीव के हमले में रेखा देवी की मौत।
- 02 जनवरी 2026 रामनगर में बाघ के हमले में महिला की मौत।
भालू के हमले-
- 07 दिसंबर 2025- पिथौरागढ़ जिले के थल क्षेत्र के चौसाला गांव में बाजार से घर लौटते समय भालू ने महिलाओं का पीछा किया। महिलाओं ने किसी तरह जान बचाई।
- 29 दिसंबर 2025 धारचूला के पांगला में भालुओं के आतंक के बाद लोगों में दहशत की स्थिति।
- 10 दिसंबर 2025 -पिथौरागढ़ के झूलाघाट के समीप दार्चुला स्थित दुहूं गांव में सुरेंद्र सिंह कुंवर भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल।
- दिसंबर 2025 में चंपावत जिले में चमोली के पोखरी ब्लॉक में स्कूल जाते समय भालू के हमले में एक छात्र घायल।
- दिसंबर 2025 में अल्मोड़ा के चौखुटिया में भालू के हमले में दो महिलाएं गीता देवी और चंपा देवी गंभीर रूप से घायल।
- जुलाई 2025 में शामा-मुनस्यारी मार्ग पर साइकिल से डाक बांटने जा रहे पोस्टमास्टर की भालू के हमले में मौत।
- 18 दिसंबर 2025 को अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया के जमनिया और चौकुड़ी के जंगल में घास काटने गई चंपा देवी और गीता देवी भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल।
राज्य में इस वर्ष वन्य जीवों के हमलों में 32 लोगों की मौत
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में दिसंबर के अंत तक राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष की अलग-अलग घटनाओं में 32 लोगों की मौत हुई और 236 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में वन्य जीवों के हमलों में 596 और वर्ष 2023 में 391 हमले हुए थे। इनमें तेंदुआ, बाघ और हाथियों के हमलों की घटनाएं शामिल हैं। वन्य जीवों के हमले की घटनाएं जंगल तक ही समिति नहीं रही बल्कि आबादी क्षेत्रों तक हुई हैं। नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा आदि जिलों में मानव-वन्य जीव संघर्ष बढ़ा है। अधिकांश हमलों में बच्चे और महिलाएं वन्य जीवों का आसान शिकार बन रहे हैं।