नैनीताल। पर्यटन के लिहाज से प्रसिद्ध नैनीताल शहर में लगातार बढ़ते कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए न तो नगर पालिका के पास कोई कार्य योजना है और न ही किसी अधिकारी ने इस मामले को आज तक तवज्जो दी है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है और वह नैनीताल में आए दिन कुत्तों का शिकार बन रहे हैं। ऐसे में यदि आप भी नैनीताल में मौज मस्ती करने आ रहे हैं तो यहां पहुंचने के बाद आपको भी कुत्तों से अपनी सुरक्षा खुद ही करनी पड़ेगी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो नैनीताल में हर रोज चार पांच लोग कुत्तों का शिकार बनते हैं लेकिन यह संख्या स्थिर नहीं है। सोमवार को ही नैनीताल के तल्लीताल और मल्लीताल क्षेत्र में 21 लोगों को कुत्तों ने काट लिया था। यह सभी लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने बीडी पांडे अस्पताल पहुंचे। शहर में हल्द्वानी रोड में जेल गेट के पास, धर्मशाला, टैक्सी स्टैंड के पास, तल्लीताल रोडवेज परिसर, तल्लीताल डांठ, फांसी गधेरा, भवाली रोड, कलक्ट्रेट, दर्शन घर पार्क, माल रोड, पंत पार्क, भोटिया मार्केट, गोलघर, कोतवाली, बड़ा बाजार, मैट्रोपोल परिसर, चीना बाबा चौराहा आदि जगहों पर 24 घंटे कुत्तों के झुंड नजर आ जाते हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि कुत्तों के इन झुंडों में मौजूद एक भी कुत्ता राह चलते किसी व्यक्ति को देख भौंकने लगता है तो एक के बाद एक अन्य कुत्ते भी राहगीर पर झपट पड़ते हैं और ऐसे में जब तक संबंधित व्यक्ति खुद का बचाव करता है तब तक कुत्ते उसे कई जगह काट लेते हैं।
वर्ष 2017 में हल्द्वानी रोड में राजस्थान के एक पर्यटक की बच्ची को खूंखार कुत्तों के आतंक के कारण जान गवानी पड़ी थी। नौै अगस्त को ओक पार्क में और 17 दिसंबर 2019 को मेविला कंपाउंड में कुत्तों के झुंड ने बच्चों को घायल कर दिया था। पांच जून 2020 को अयारपाटा क्षेत्र में छह वर्षीय बच्चे को कुत्तों ने नोच डाला था, जिसे 40 से अधिक टांके लगाने पड़े थे। 10 जून 2020 को माल रोड में आवारा कुत्तों के झुंड ने सुबह की सैर को निकली 65 वर्षीय महिला को भी बुरी तरह से जख्मी कर दिया था।
अधिशासी अधिकारी के अशोक कुमार वर्मा का कहना है कि लावारिस कुत्तों की संख्या कम करने के लिए बधियाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकांश कुत्तों का बधियाकरण कराया जा चुका है। कुत्ता पालने के लिए पालिका लाइसेंस जारी करती है, जो लोग भी कुत्ते पालते हैं वह अपने कुत्तों को खुले में न छोड़े।
95 फीसदी कुत्तों का किया गया बधियाकरण
नैनीताल। ह्यूमन सोसायटी इंटरनेशनल इंडिया के हाल में हुए द्विवार्षिक सर्वे के मुताबिक नैनीताल शहर के 95 फीसदी से अधिक स्ट्रीट डाग का बधियाकरण किया चुका है। इसके बाद भी नैनीताल में लावारिस कुत्तों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के चप्पे चप्पे पर मौजूद कुत्तों के झुंड इसका उदाहरण हैं।