डहरिया में बुधवार शाम आपसी झगड़े के बाद पति-पत्नी ने एक साथ जहर पी लिया। परिजनों ने दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान देर रात पत्नी ने दम तोड़ दिया, जबकि पति की हालत नाजुक बनी है। दोनों की एक माह पहले ही लव मैरिज हुई थी।
मूल रूप से कटपुरिया छीना बागेश्वर एवं हाल निवासी डहरिया के राजेश मिश्रा पुत्र स्व. बाला दत्त मिश्रा ने सात मार्च को हल्दीखाल तोक पनियाली की पूजा से लव मैरिज की थी। दोनों ने अपने घर वालों की मर्जी के बगैर शादी की थी। लिहाजा शादी के बाद दोनों कुछ दिनों तक घर से बाहर रहे। परिवार वालों का गुस्सा ठंडा होने पर अभी एक सप्ताह पहले ही राजेश नवविवाहिता पूजा को लेकर घर आया।
राजेश बेरोजगार था। आर्थिक तंगी के चलते दोनों के बीच खटपट होने लगी। कुछ दिन पहले तक दंपति के बीच झगड़ा भी हुआ। बुधवार को भी पति और पत्नी में झगड़ा हुआ। राजेश की मां जानकी ने बीच बचाव किया, लेकिन झगड़ा मारपीट में बदल गया। जानकी बहू और बेटे के झगड़े की शिकायत करने थाने जाने लगी, लेकिन बड़े बेटे अनिल मिश्रा ने पति और पत्नी का झगड़ा बताकर मां को थाने जाने से मना कर दिया।
बुधवार देर शाम आपसी तनाव बढ़ने पर पति-पत्नी ने जहर पी लिया। परिजनों ने दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया। रात में पूजा की मौत हो गई। राजेश की हालत नाजुक बनी है। मेडिकल चौकी पुलिस की पूछताछ में पूजा के पिता गणेश दत्त पांडेे ने बताया कि बेटी ने कोर्ट मैरिज करने के बाद कालीचौड़ मंदिर में शादी की थी। इसके बाद मायके से उसका कोई संबंध नहीं रह गया।
राजेश के बड़े भाई अनिल मिश्रा ने बताया कि पूजा ने पहले ही लिखकर दिया था कि पति से उसके संबंध खराब चल रहे हैं। अगर उसके साथ कुछ होता है तो ससुराली इसके जिम्मेदार नहीं होंगे। अनिल ने बताया कि राजेश बेरोजगार था और नशा करता था। झगड़े की मूल वजह यही थी। घटना की सूचना पर पूजा के माता-पिता भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
एसटीएच में साइकिल स्टैंड से शुरू हुआ था प्यार का सफर
हल्द्वानी। राजेश और पूजा की लव स्टोरी के शादी के बंधन में बंधने के एक महीने बाद ही दुखद अंत हो गया। दोनों की मुलाकात करीब दो साल पहले सुशीला तिवारी अस्पताल में साइकिल स्टैंड पर हुई थी। पूजा तब अस्पताल के स्टैंड में अपनी साइकिल खड़ी करने गई और राजेश से मुलाकात हुई। कुछ समय बाद पूजा पैर टूटने के कारण अस्पताल में भर्ती रही। इसी बीच राजेश से उसकी नजदीकियां बढ़ी और दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे। एक महीने पहले उन्होंने परिवार की रजामंदी के बगैर मंदिर में शादी कर ली।
पूजा के पिता गणेश दत्त पांडेय के मुताबिक जिस वक्त पूजा की राजेश से मुलाकात हुई वो जीजीआईसी में इंटर में पढ़ती थी। राजेश एसटीएच में साइकिल स्टैंड चलाता था। दोनों चोरी छिपे मिलते थे। पूजा और राजेश की नजदीकियों की जब उन्हें जानकारी मिली तो एतराज किया, लेकिन पूजा सुनने को तैयार नहीं हुई। पूजा ने उनकी मर्जी के बगैर राजेश से कोर्ट मैरिज कर एक महीने पहले ही कालीचौड़ मंदिर में शादी कर ली। राजेश के भाई अनिल मिश्रा के मुताबिक उन्हें तो शादी की भनक तक नहीं लगी। काफी दिनों बाद पूजा के घर वालों ने ही शादी की जानकारी दी। अनिल बागेश्वर में आरटीओ विभाग में काम करता है।