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नवविवाहिता की जलाकर हत्या करने के मामले में पति और सास दोषी

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रुद्रपुर। नवविवाहिता को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में कोर्ट ने पति और सास को दस-दस साल की कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज द्वितीय की कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर निर्णय सुनाया है।
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मूलरूप से मिलक रामपुर और हाल निवासी ट्रांजिट कैंप मेवाराम राठौर ने 16 अक्तूबर 2010 को किच्छा कोतवाली में दर्ज कराए मुकदमे में कहा था कि उसने 17 फरवरी 2010 को अपनी बेटी भानवती का विवाह ग्राम चुटकी देवरिया किच्छा निवासी राकेश प्रसाद राठौर के साथ किया था। उसने शादी में सामर्थ्य अनुसार दान दहेज दिया था, लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद से बेटी के ससुराल वाले दहेज के लिए उत्पीड़न करने लगे थे। दहेज देने में असमर्थता जताने पर ससुराली मान गए थे लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से बाइक और सोने की चेन की मांग करते हुए बेटी से मारपीट की थी। दहेज देने से इनकार करने पर अक्तूबर 2010 में पति राकेश और सास नन्ही देवी ने बेटी को जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पति और सास के खिलाफ धारा 304 बी का मुकदमा दर्ज कर लिया। 18 अक्तूबर 2010 को पति राकेश और एक नवंबर 2010 को सास नन्हीं को गिरफ्तार कर लिया। अपर जिला जज द्वितीय चंद्रमणि राय की कोर्ट में मुकदमे को लेकर हुई सुनवाई में साक्ष्यों के साथ ही दस गवाह पेश कर आरोपियों पर दोष सिद्ध कर दिया गया। अपर जिला जज द्वितीय ने गवाहों और पत्रावलियों का अध्ययन करने के बाद आरोपी पति राकेश और सास नन्ही देवी को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनायी है।
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