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बलियानाला की पहाड़ी दरकने से राजमार्ग बंद

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वीरभट्टी पुल के पास बलियानाला की पहाड़ी से सड़क पर गिरा मलबा और जाम में फंसे वाहन। संवाद न्यूज एज? - फोटो : BHIMTAL
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। मूसलाधार बारिश के चलते शुक्रवार शाम ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग में वीरभट्टी पुल से सटी बलियानाला की पहाड़ी दरक गई, जिससे हाइवे पर यातायात ठप हो गया। पहाड़ी से गिरे मलबे को देख केमू बस में सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई और कुछ यात्री बस से निकलकर सुरक्षित जगह की ओर चले गए। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते बस को बैक कर दिया। इससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
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बलियानाला में ब्रिटिश कालीन पुल वर्ष 2016 में गैस वाहन के हादसे में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी जगह पर डबल लेन पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस कारण एनएच की ओर से सड़क चौड़ीकरण के लिए बलियानाला से सटी पहाड़ी को पिछले 15 दिनों से काटा जा रहा है लेकिन शुक्रवार को बारिश की वजह से काम बंद था। देर शाम करीब 5:30 बजे पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक कर एनएच पर आ गया। गनीमत ये रही कि मलबे की चपेट में कोई वाहन नहीं आया लेकिन सड़क पर खड़ी केमू बस के पास मलबा गिरता देख बस में सवार यात्रियों ने भागकर जान बचाई। इससे मार्ग के दोनों आर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद पुलिस ने छोटे वाहनों को भीमताल-रानीबाग मार्ग से भेजा लेकिन बड़े वाहन फंसे रहे। खबर लिखे जाने तक एनएच जेसीबी की मदद से मलबा हटाने में लगा था लेकिन मार्ग नहीं खुल पाया था।
ज्योलीकोट एनएच के सहायक अभियंता एमसी जोशी ने बताया कि मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मलबे से पुल को नुकसान की संभावना नहीं है।
भूस्खलन से हाईटेंशन लाइन क्षतिग्रस्त
ज्योलीकोट (नैनीताल)। बलियानाला में भूस्खलन से इलाके को बिजली की हाईटेंशन लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे आसपास के कई गांवों की बिजली गुल हो गई, जिससे पूरा इलाका अंधकार में डूब गया। उप खंड अधिकारी प्रियंक पांडे ने बताया कि कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है और शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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एनएच की पहाड़ियों से गिरे पत्थरों से बालबाल बचे वाहन चालक
गरमपानी(नैनीताल)। शुक्रवार की सुबह से तेज बारिश के चलते भवाली- अल्मोड़ा एनएच में भौर्या मोड़ किनारे की पहाड़ी से पत्थर गिरते रहे। गनीमत रही की पहाड़ी से पत्थरों के गिरते समय कोई वाहन सड़क से आवाजाही पर नहीं कर रहे थे वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पत्थरों के गिरने से मार्ग किनारे पाडली, दोपाखी, झूला पुल, लोहाली, काकड़ीघाट में मार्ग से आने जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इधर खैरना रानीखेत मोटर मार्ग में भुजान में कनवाड़ी की पहाड़ी से भी पत्थर सड़क किनारे गिरे। बारिश के चलते खैरना बाजार किनारे कूड़ा जमा होने से राहगीरों को बाजार क्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रकसिया नाला उफनाया, फिर टूटी पेयजल लाइन
हल्द्वानी। बारिश से रकसिया नाला फिर उफना गया। इस कारण चंबल पुल के पास जलसंस्थान की आठ इंच की मुख्य पेयजल लाइन टूट गई और लालडांठ, बिठौरिया इलाके की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। रकसिया नाले में आए कचरे से प्रेमपुर लोसज्ञानी में किसानों के खेत पट गए। सिंचाई नहर में कचरा आने से नहर भी चोक हो गई। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता नरेश पाठक ने बताया कि कई लोगों के घरों में भी कचरा भर गया। अधिशासी अभियंता तरुण बंसल ने बताया कि गौला बैराज और सिंचाई नालों पर विभागीय अभियंताओं को अलर्ट पर रखा गया है। जलसंस्थान के प्रभारी सहायक अभियंता पंकज उपाध्याय ने बताया कि पेयजल लाइन टूटने से क्षेत्र के करीब 25 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है।
रकसिया नाले पर प्रस्ताव बनते ही रह गए
पहले 10.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा अब नया प्रस्ताव 15 करोड़ का बनाने की तैयारी
हल्द्वानी। रकसिया नाला नाले की निकासी का अब तक कोई इंतजाम नहीं किया जा सका है। यहां हर बार प्रस्ताव बनते हैं लेकिन बरसात का मौसम चले जाने के बाद सब चुप हो जाते हैं। पूर्व में नाले की निकासी के लिए 10.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। योजना मंजूर हुई लेकिन स्थानीय लोगों की आपत्ति के कारण जमीन उपलब्ध नहीं होने से काम अधर में लटक गया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण बंसल कह रहे हैं कि शहरी विकास मंत्री के निर्देश पर नाला निकासी का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। महीने के अंत तक प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा।
दमुवाढूंगा से लालडांठ, छड़ायल होते हुए रकसिया नाला प्रेमपुर लोसज्ञानी गांव तक आता है। प्रेमपुर लोसज्ञानी के पास नाले की निकासी नहीं होने से पानी लोगों के खेतों, मकानों, स्कूल में फैल जाता है। मलबा नहर में जाने से नहर भी चोक हो जाती है। सिंचाई विभाग नाला निकासी के लिए कई बार प्रयास कर चुका है लेकिन जमीन नहीं मिलने से नाला निकासी का काम नहीं हो पाया है। इस बरसात में भी रकसिया नाला कई बार उफना चुका है और कई लोगों के खेत बर्बाद हो गए हैं। नाले से हो रहे नुकसान को देखते हुए शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने सिंचाई अधिकारियों को जल्द प्रस्ताव बनाकर देने के निर्देश दिए हैं।
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गौला में सिल्ट आने से पेयजल सप्लाई बाधित
4600 क्यूसेक पहुंचा जलस्तर, सिंचाई विभाग ने खोले बैराज के गेट
हल्द्वानी। भारी बारिश से गौला का जलस्तर 4600 क्यूसेक पहुंच गया। साथ ही भारी मात्रा में सिल्ट आ गई। इस कारण सिंचाई विभाग ने गौला के सभी गेट खोल दिए। गेट खोले जाने जलसंस्थान के शीशमहल स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की पेयजल सप्लाई बंद हो गई।
सिंचाई विभाग के गौला बैराज प्रभारी अवर अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि गौला बैराज में 74 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। जलसंस्थान के सहायक अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि सुबह बैराज से पानी नहीं मिलने की वजह से शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। प्रभारी सहायक अभियंता पंकज उपाध्याय ने बताया कि प्रभावित इलाकों में टैंकरों से पेयजल वितरित किया गया।
बिजली व्यवस्था भी जवाब दे गई
हल्द्वानी। तड़के हुई बारिश ने ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित कर दी। सुबह से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को पेयजल संकट भी झेलना पड़ा।
बारिश के कारण कठघरिया उपकेंद्र से निकलने वाला बिठौरिया फीडर बाधित हो गया। पिन इंसुलेटर फटने और ट्रांसफार्मर के केबल में पानी चले जाने के कारण आपूर्ति बाधित हो गई। विकास नगर के पास दिक्कत होने के कारण बिठौरिया का कुछ हिस्से की आपूर्ति बंद कर दी गइ। सुबह आठ बजे बिजली गुल हो गई और दोपहर साढ़े बारह बजे से सुचारु हो सकी। दूसरी ओर टीपी नगर से निकलने वाला बेलबाबा और देवलचौड़ फीडर भी बाधित रहा। लाइनों पर पेड़ की टहनी गिरने के कारण तीन से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। अधिशासी अभियंता ग्रामीण डीडी पांगती ने बताया जो भी तकनीकी दिक्कत आई थीं उसको दूर कराकर आपूर्ति सुचारु करा दी गई।
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