उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की खनन नीति पर रोक लगाते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की यह खनन नीति असांविधानिक
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सतेंद्र कुमार तोमर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य सरकार की 28 अक्टूबर 2021 की खनन नीति को चुनौती देते हुए कहा था कि सरकार की यह खनन नीति असांविधानिक है।
बिना नीलामी के पहाड़ों में कटान की अनुमति
कहा कि जितने भी टेंडर हों वे ई-टेंडर के तहत किए जाएं। याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने खनन नीति में प्राइवेट माइनिंग खोल दी है और बिना नीलामी के पहाड़ों में कटान की अनुमति दी है। पर्यावरण क्षति पूर्ति आकलन के बिना ऐसा किया गया है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खनन नीति पर रोक लगाते हुए सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।